
सूरत। शहर के पाल क्षेत्र के एक कपड़ा व्यापारी को चेक बाउंस मामले में अदालत ने दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने आरोपी को चेक की राशि ब्याज सहित शिकायतकर्ता को अदा करने का आदेश भी दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उधना क्षेत्र निवासी जय जगदीशभाई जोशी कपड़ा व्यवसाय से जुड़े हैं। उनके पास से पाल निवासी पंकज मनोहर केसवानी ने लगभग 1.65 लाख रुपये का कपड़े का माल उधार खरीदा था। भुगतान के लिए आरोपी द्वारा दिया गया चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर रिटर्न हो गया था, जिसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी पंकज केसवानी अदालत में उपस्थित हुआ और शिकायत को गलत बताते हुए चेक के दुरुपयोग का आरोप लगाया। हालांकि बाद में वह लगातार अदालत में उपस्थित नहीं रहा। दूसरी ओर शिकायत पक्ष की ओर से अधिवक्ता फेनिल डी. मास्टर तथा प्रेम ए. जरीवाला ने अदालत में दलील देते हुए बताया कि आरोपी ने उधार कपड़ा खरीदा था तथा इसके संबंध में लिखित करार भी किया गया था। शिकायत पक्ष ने अपने दावों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेजी साक्ष्य भी प्रस्तुत किए।
दोनों पक्षों की दलीलों और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि आरोपी की अनुपस्थिति न्याय प्रक्रिया में बाधा नहीं बन सकती और ऐसे मामलों में सजा देना आवश्यक है ताकि शिकायतकर्ता को न्याय मिल सके।
अदालत ने पंकज केसवानी को एक वर्ष की सजा सुनाते हुए चेक की पूरी राशि ब्याज सहित अदा करने का निर्देश दिया है। यह फैसला व्यापारिक लेन-देन में चेक भुगतान की जिम्मेदारी और कानूनी जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




