
सूरत: सूरत के प्रसिद्ध उद्योगपति वसंत गजेरा समेत गजेरा बंधुओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश गुजरात हाईकोर्ट ने दिया है। यह आदेश ठगी के शिकार बताए जा रहे भागीदार प्रवीण अग्रवाल उर्फ भूत की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में आयकर विभाग की जांच का सामना कर चुके लक्ष्मी डायमंड ग्रुप से जुड़े उद्योगपति वसंत गजेरा, अशोक गजेरा और उनके भतीजे राकेश गजेरा के खिलाफ यह कार्रवाई हुई है। प्रवीण देवकीनंदन अग्रवाल उर्फ भूत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गंभीर आर्थिक अनियमितताओं और ठगी के आरोप लगाए थे।
याचिका में बताया गया कि प्रवीण अग्रवाल ‘शांति रेसिडेंसीज प्रा. लि.’ में 43 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते थे। आरोप है कि गजेरा बंधुओं ने कंपनी की संपत्तियां बाजार मूल्य पर बेचकर खातों में कम कीमत दिखाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की। यह रकम कथित तौर पर हवाला के जरिए हांगकांग भेजी गई और बाद में राकेश गजेरा को विदेशी निवेशक दिखाकर धन को फिर भारत लाकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई।
फरियादी ने यह भी आरोप लगाया कि वसंत गजेरा, अशोक गजेरा और राकेश गजेरा ने प्रवीण अग्रवाल तथा उनके पति और पिता के नाम से फर्जी हस्ताक्षर किए। इन कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 43 प्रतिशत से घटाकर केवल 4.02 प्रतिशत कर दी गई। साथ ही, फर्जी डिजिटल हस्ताक्षरों के माध्यम से उन्हें कंपनी के निदेशक पद से भी हटा दिया गया।
प्रवीण अग्रवाल ने इस मामले में ठगी, धमकी और अन्य आरोपों को लेकर सूरत की आर्थिक अपराध शाखा में शिकायतें की थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर वे हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट ने 12 फरवरी को मामले की सुनवाई करते हुए सूरत शहर पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता द्वारा बताई गई धाराओं के अनुसार तुरंत मामला दर्ज किया जाए।
फरियादी के वकील डॉ. शैलेश आर. पटेल के अनुसार, गजेरा बंधुओं के खिलाफ सूरत में पहले भी जमीन से जुड़े करीब आठ मामले दर्ज हो चुके हैं।
पुलिस अब हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।



