
सूरत। उधना–मगदल्ला रोड स्थित एम.के. टेक्सटाइल के व्यापारी किशन कमलेश जरीवाला से 47 लाख रुपये से अधिक की ठगी के मामले में हरियाणा की वस्त्ररानी एक्सपोर्ट के तीन निदेशकों की अग्रिम ज़मानत याचिका सूरत सेशंस कोर्ट ने खारिज कर दी है।
अलथाण गार्डन के पास आनंद पार्क सोसायटी में रहने वाले व्यापारी किशन कमलेश जरीवाला, जो एम.के. टेक्सटाइल के नाम से कपड़े का व्यवसाय करते हैं, ने शिकायत में बताया कि कपड़ा दलाल महेंद्र डांगर ने उन्हें हरियाणा के फरीदाबाद, मथुरा रोड स्थित वस्त्ररानी एक्सपोर्ट के निदेशक — अब्दुल खालिद, सुमन मल्होत्रा और शोभा मल्होत्रा — से व्यापार करवााया था। आरोप है कि तीनों निदेशकों ने जरीवाला से कपड़े का बड़ा ऑर्डर दिया।व्यापारी के अनुसार, भरोसे के आधार पर उन्होंने 74 लाख रुपये से अधिक का माल भेजा था। निदेशकों ने शुरुआत में 27.40 लाख रुपये का पार्ट पेमेंट किया, परंतु शेष 47.44 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया और कथित रूप से ठगी कर ली।
शिकायत पर खटोदरा पुलिस स्टेशन ने तीनों निदेशकों और दलाल महेंद्र डांगर के खिलाफ विश्वासघात व ठगी का केस दर्ज किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने सेशंस कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।फरियादी व्यापारी किशन जरीवाला के वकील रहीम शेख ने कोर्ट में शपथ–पत्र सहित जोरदार विरोध प्रस्तुत किया। दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों निदेशकों की अग्रिम जमानत याचिका रद्द कर दी, जिससे फरियादी को बड़ी राहत मिली है।




