
सूरत। डुंभाल स्थित उमा इंडस्ट्रियल सोसायटी के उद्योगकारों ने खाड़ी के पानी से लगातार दो बार हुए भारी नुकसान के विरोध में शनिवार को बड़ी संख्या में सूरत महानगरपालिका (मनपा) मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मेयर की कार का घेराव कर वर्ष 2026-27 और 2027-28 के लिए संपत्ति कर सहित सभी प्रकार के नगर निगम शुल्क पूरी तरह माफ करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान संयोगवश मेयर किसी कार्यक्रम के लिए कार्यालय से बाहर निकल रहे थे। तभी उद्योगकारों ने उनकी कार को रोककर अपनी मांगें रखीं। स्थिति को देखते हुए मेयर वाहन से उतरकर प्रदर्शनकारियों से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं।
उद्योगकारों का कहना था कि पिछले तीन सप्ताह में दो बार खाड़ी के पानी ने उमा इंडस्ट्रियल सोसायटी के अधिकांश औद्योगिक यूनिटों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। इसलिए केवल संपत्ति कर ही नहीं, बल्कि मनपा द्वारा लगाए जाने वाले सभी प्रकार के शुल्क और चार्ज भी दो वर्षों के लिए पूरी तरह माफ किए जाएं।
मेयर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों और समस्याओं को राज्य सरकार तथा संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और उचित निर्णय के लिए प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि जुलाई के दूसरे सप्ताह में आई खाड़ी की बाढ़ के दौरान उमा इंडस्ट्रियल सोसायटी के कई यूनिटों में औसतन 8 से 10 फीट तक पानी भर गया था। इसके बाद 22-23 जुलाई को दोबारा आई बाढ़ से यूनिटों में 2 से 2.5 फीट तक पानी भरने के कारण उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। लगातार हुई इस तबाही के बाद प्रभावित उद्योगकार अब राहत और कर में छूट की मांग को लेकर खुलकर आंदोलन कर रहे हैं।


