
सूरत। दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) ने जुलाई 2026 की भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित व्यापारिक एवं औद्योगिक इकाइयों के पुनर्वास के लिए गुजरात सरकार द्वारा घोषित विशेष राहत पैकेज का स्वागत किया है। चैंबर के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल तथा राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पैकेज प्रभावित व्यापारियों और उद्योगों को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अशोक जीरावाला ने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ के बाद उद्योग जगत की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए त्वरित निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से वर्ष 2006 की बाढ़ के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए राहत एवं पुनर्वास कार्यों की याद ताजा हो जाती है, जब प्रशासन ने युद्धस्तर पर सफाई, बुनियादी सुविधाओं की बहाली तथा व्यापारिक गतिविधियों को पुनः पटरी पर लाने का कार्य किया था।
उन्होंने बताया कि चैंबर द्वारा विभिन्न औद्योगिक संगठनों एवं व्यापारिक क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों और नुकसान के आंकड़ों का राज्य सरकार ने गंभीरता से अध्ययन कर यह राहत पैकेज तैयार किया है। इससे स्पष्ट है कि सरकार उद्योग एवं व्यापार जगत की चुनौतियों के प्रति संवेदनशील है।
एसजीसीसीआई ने राहत पैकेज के विभिन्न प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि लारी-रेहड़ी संचालकों को 7,500 रुपये, छोटे केबिन एवं दुकानदारों को 25,000 रुपये तथा बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों को 50,000 रुपये तक की सहायता देने का निर्णय छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। वहीं, पात्र जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को निर्धारित मानदंडों के अनुसार एकमुश्त आर्थिक सहायता तथा 30 लाख रुपये तक के टर्म लोन पर तीन वर्ष के लिए 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी उपलब्ध कराने से प्रभावित उद्योगों और व्यापारिक इकाइयों को दोबारा खड़ा होने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
चैंबर ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के इस विशेष राहत पैकेज से बाढ़ प्रभावित व्यापार एवं उद्योग क्षेत्र को शीघ्र पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी और सूरत की आर्थिक गतिविधियां जल्द ही सामान्य गति से संचालित हो सकेंगी।




