सूरत बाढ़ प्रभावित व्यापारियों के लिए राहत पैकेज लागू, सर्वे और सहायता मंजूरी हेतु विभिन्न समितियों का गठन

सूरत। हाल ही में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित सूरत जिले एवं महानगरपालिका क्षेत्र के छोटे, लघु और मध्यम वर्ग के व्यापार, वाणिज्य तथा सेवा क्षेत्र के उद्यमों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा घोषित मुख्यमंत्री राहत पैकेज के तहत सहायता प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिला प्रशासन और सूरत महानगरपालिका ने प्रभावित व्यापारियों के आवेदनों का शीघ्र निस्तारण, सर्वेक्षण और सहायता स्वीकृति सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर समितियों का गठन किया है।
जिला कलेक्टर और नगर आयुक्त के संयुक्त आदेश के अनुसार, सूरत महानगरपालिका क्षेत्र में संबंधित जोन के डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर अथवा जोनल चीफ की अध्यक्षता में समितियां कार्य करेंगी। इन समितियों में आकलन एवं वसूली अधिकारी सदस्य सचिव होंगे, जबकि सहायक नगर आयुक्त, डिप्टी मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ, राज्य कर विभाग के अधिकारी तथा संबंधित क्षेत्र के मामलतदार सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। सभी जोनल समितियों के नोडल अधिकारी डिप्टी कमिश्नर (टैक्स एवं नॉन-टैक्स विभाग) होंगे।
नगरपालिका क्षेत्रों में संबंधित प्रांत अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जिसमें मुख्य अधिकारी सदस्य सचिव तथा संबंधित तहसील के मामलतदार और राज्य कर अधिकारी सदस्य होंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रांत अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति में तालुका विकास अधिकारी सदस्य सचिव तथा मामलतदार और राज्य कर अधिकारी सदस्य के रूप में कार्य करेंगे। इन सभी समितियों के नोडल अधिकारी अतिरिक्त कलेक्टर होंगे।
मुख्यमंत्री राहत पैकेज की श्रेणी-5 से 7 के अंतर्गत आने वाले मामलों के लिए पूरे जिले में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की गई है। इसमें जिला उद्योग केंद्र, राज्य कर विभाग, सूरत महानगरपालिका, जिला प्रशासन, सहकारी विभाग तथा लीड बैंक के अधिकारी शामिल रहेंगे।
अपील समिति का भी गठन
सहायता स्वीकृति या पुनः सर्वे को लेकर किसी भी प्रकार के विवाद के समाधान के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अपील समिति का गठन किया गया है। प्रभावित व्यापारी अपनी शिकायत या आपत्ति इस समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे।
30 सितंबर तक आवेदन का अवसर
रोकड़ सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है, जबकि ब्याज सहायता के लिए शासन के निर्णय की तिथि से छह माह के भीतर आवेदन किया जा सकेगा। सहायता केवल प्रशासन द्वारा किए गए स्थल सर्वे, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी जैसे प्रमाणों के आधार पर ही स्वीकृत होगी। ब्याज सहायता की राशि लाभार्थी के ऋण खाते में सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से जमा की जाएगी। योजना का पूरा व्यय मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से वहन किया जाएगा।
जिला प्रशासन और सूरत महानगरपालिका ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित व्यापारियों के आवेदनों का टीम बनाकर यथाशीघ्र निस्तारण किया जाए तथा पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुव्यवस्थित तरीके से रखा जाए।




