
सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) ने सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विश्वस्तरीय विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के पश्चिमी क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक पुल्ला हिजकिया के समक्ष विस्तृत प्रस्तुति रखी। यह उच्चस्तरीय बैठक सोमवार को सरसाना स्थित समहति में आयोजित हुई।
बैठक में चैंबर अध्यक्ष अशोक जीरावाला, मानद मंत्री परेश लाठिया, कोषाध्यक्ष अतुल पटेल, एविएशन एवं एयरपोर्ट समिति के मेंटर रजनीकांत मारफतिया, चेयरमैन लिनेश शाह, सूरत एयरपोर्ट निदेशक आनंद शर्मा समेत एएआई के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
चैंबर अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि सूरत में देश के 26 राज्यों के लोग रोजगार, उद्योग और व्यापार से जुड़े हैं, इसलिए इन राज्यों के लिए सीधी घरेलू उड़ानें समय की मांग हैं। उन्होंने कहा कि सूरत तेजी से उभरता आर्थिक केंद्र है और इसकी जरूरतों के अनुरूप एयरपोर्ट का विस्तार जरूरी है।
चैंबर ने अपने प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय एयर कार्गो टर्मिनल, समर्पित अंतरराष्ट्रीय यात्री टर्मिनल, रनवे विस्तार, विमान पार्किंग क्षमता बढ़ाने, आधुनिक एयर नेविगेशन सिस्टम, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा, फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर और एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की मांग रखी। इसके अलावा एयरोट्रोपोलिस, एयरपोर्ट इकोनॉमिक जोन, सार्वजनिक परिवहन, लास्ट माइल कनेक्टिविटी और स्मार्ट एयरपोर्ट तकनीक विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
चैंबर ने कहा कि हीरा, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, फार्मा, केमिकल्स, एमएसएमई, सोलर और सेवा क्षेत्र में सूरत की वैश्विक पहचान तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और पर्यटन को गति देने के लिए विश्वस्तरीय एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर अब अपरिहार्य हो गया है।
एएआई के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक पुल्ला हिजकिया ने चैंबर की दूरदर्शी प्रस्तुति की सराहना करते हुए सभी सुझावों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सूरत एयरपोर्ट पर वर्तमान और प्रस्तावित विकास कार्यों के जरिए इसे पश्चिम भारत का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।



