
सूरत। रिंग रोड के एक टेक्सटाइल व्यापारी को 2.38 लाख रुपये के चेक रिटर्न मामले में अदालत ने दोषमुक्त घोषित कर दिया। अदालत ने माना कि शिकायतकर्ता कानूनी रूप से बकाया राशि और माल की आपूर्ति को प्रमाणित करने में असफल रहा, जिसके चलते आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया।
मामले के अनुसार उमरवाड़ा स्थित फार्मसन्स फाइबर्स फर्म की ओर से वर्ष 2017 में शिव टेक्सटाइल और ओमकार टेक्सटाइल के प्रोपराइटर अर्जुनसिंह चंद्रसिंह चौहान, निवासी वीटीएम मार्केट, रिंग रोड, के खिलाफ निजी शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अर्जुनसिंह ने 2 लाख 38 हजार 89 रुपये का कपड़ा उधार खरीदा था और भुगतान के लिए छह चेक दिए थे, जो बैंक में अपर्याप्त धनराशि के कारण लौट आए थे।
सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता राकेश जी. शाह और स्वीटी डी. मुनोत ने दलील दी कि शिकायतकर्ता ने आरोपी को शिव टेक्सटाइल और ओमकार टेक्सटाइल का प्रोपराइटर बताया, जबकि अदालत में प्रस्तुत चेक ‘ओमकार फैशन’ नामक खाते के थे। महत्वपूर्ण बात यह रही कि ओमकार फैशन को इस मामले में पक्षकार ही नहीं बनाया गया था।
बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि शिकायतकर्ता अपनी फर्म का साझेदार होने तथा माल की वास्तविक डिलीवरी होने के कोई मूल दस्तावेजी प्रमाण अदालत में पेश नहीं कर सका। केवल फोटोकॉपी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिन्हें कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं माना गया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अर्जुनसिंह चौहान को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।



