
सूरत।आयकर विभाग द्वारा आयकर रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म-1 और फॉर्म-4 की यूटिलिटी आखिरकार जारी कर दी गई है। इसके बाद अब करदाता रिटर्न भरने की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर सकेंगे। हर वर्ष आयकर रिटर्न में किए गए बदलावों के बाद विभाग इन फॉर्मों की यूटिलिटी जारी करता है, जिसके आधार पर करदाताओं को अपनी आय और कर संबंधी जानकारी प्रस्तुत करनी होती है।
आमतौर पर वित्तीय वर्ष शुरू होने के एक-दो महीने के भीतर आईटीआर-1 और 4 की यूटिलिटी जारी कर दी जाती है, लेकिन कई बार इसमें देरी होने से करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी वजह से रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग भी उठती रही है। इस वर्ष आयकर विभाग ने 15 मई को ही पोर्टल पर दोनों फॉर्म की यूटिलिटी जारी कर दी है, जिससे करदाताओं को समय रहते तैयारी करने में सुविधा मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यूटिलिटी में दी गई जानकारी के आधार पर डेटा तैयार करना आसान होगा और अंतिम समय में तकनीकी परेशानी या जल्दबाजी से बचा जा सकेगा। विभाग ने इस बार समय से पहले यूटिलिटी जारी कर करदाताओं को राहत देने का प्रयास किया है।
15 जून से पहले रिटर्न फाइल होने की संभावना कम
जानकारों का कहना है कि टीडीएस से जुड़ी जानकारी आमतौर पर 10 से 15 जून के बीच पोर्टल पर दिखाई देती है। ऐसे में अधिकांश करदाता टीडीएस विवरण अपडेट होने के बाद ही रिटर्न फाइल करना पसंद करते हैं। यदि इससे पहले रिटर्न दाखिल कर दिया जाए तो बाद में संशोधन करना पड़ सकता है या टीडीएस का लाभ छूटने की आशंका रहती है। इसी कारण अधिकतर लोग 15 जून के बाद ही रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया शुरू करते हैं।




