गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग पर सूरत में ऐतिहासिक जनजागरण रैली
21 लाख से अधिक हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन प्रशासन को सौंपा, 40 हजार से अधिक गोभक्त हुए शामिल; देशभर की 790 तहसीलों में एक साथ चला अभियान

सूरत। गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने तथा देशभर में गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर सोमवार को सूरत में विशाल जनजागरण रैली निकाली गई। देशव्यापी जनजागरण अभियान के दूसरे चरण के अंतर्गत आयोजित इस रैली में 40 हजार से अधिक गोभक्त, संत, महिलाएं, युवा एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अभियान के तहत सूरत सहित देशभर की 790 तहसीलों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों के नाम संबोधित 25 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे गए।
अभियान के संयोजक गो पुत्र अरुण पाटोदिया ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत महाराजा अग्रसेन भवन में अग्र मलूक पीठाधीश्वर जगद्गुरु डॉ. राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज तथा ग्वाल संत श्री गोपालानंद जी सरस्वती के सान्निध्य में सामूहिक ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ विजय मंत्र कीर्तन से हुई। इसके बाद संतों ने गौपूजन कर रैली को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान हुई हल्की बारिश को भी श्रद्धालुओं ने शुभ संकेत के रूप में देखा।
सज्जन महर्षि ने बताया कि रैली में नौ बैलगाड़ियां, सात बग्गियां, गौमाता एवं नंदी की आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल श्रद्धालु हाथों में गौसंरक्षण और गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग वाले संदेश लिखे पोस्टर लेकर नारे लगाते, भजन-कीर्तन करते और उत्साहपूर्वक आगे बढ़ते रहे, जिससे पूरे मार्ग पर धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा।
ललित शर्मा ने बताया कि सूरत में एकत्रित 21 लाख 5 हजार 170 हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन को लाल मखमली वस्त्र में बांधकर बुलडोजर पर रैली के अग्रभाग में रखा गया था। वनिता विश्राम से प्रारंभ हुई रैली में वाराछा, कतारगाम, खटोदरा, डिंडोली, पर्वत पाटिया, वेसू, सिटीलाइट, वेड रोड, उधना सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 40 हजार से अधिक गोभक्त एवं श्रद्धालु शामिल हुए। रैली की लंबाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि उसका एक सिरा कलेक्टर कार्यालय तक पहुंच चुका था, जबकि दूसरा सिरा वनिता विश्राम के पास था।
कलेक्टर कार्यालय पहुंचने पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गुजरात के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तथा 21 लाख से अधिक हस्ताक्षरों का डिजिटल रिकॉर्ड पेन ड्राइव के माध्यम से जिला कलेक्टर को सौंपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में गोभक्त कलेक्टर कार्यालय परिसर में मौजूद रहे। 
रैली में राकेश कंसल, कैलाश हाकिम, प्रमोद कंसल, गिरधारी सिंह, अमित खंडेला, गढ़वी साहब, नैनाराम, रघुवीरभाई, पंकजभाई, शैलेशभाई, रामअवतार पारीक सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं गोसेवकों की उपस्थिति रही।
अभियान के संयोजक अरुण पाटोदिया ने कहा कि यदि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने तथा देशभर में गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग पर केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो अभियान का तीसरा चरण 27 अक्टूबर 2026 को देशभर के राज्यों की राजधानियों में आयोजित किया जाएगा। इस चरण में 45 से 50 करोड़ हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन राष्ट्रपति, राज्यपालों एवं अन्य संवैधानिक पदाधिकारियों को सौंपने का लक्ष्य रखा गया है।



