गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग तेज, 27 जुलाई को सूरत में निकलेगी विशाल जनजागरण रैली
संतों के सान्निध्य में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन, हस्ताक्षर अभियान और रक्त से लिखे पत्र बने आकर्षण

सूरत। गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और भारत भूमि को गौवध से मुक्त करने की मांग को लेकर देशव्यापी अभियान के दूसरे चरण के अंतर्गत 27 जुलाई को सूरत में विशाल जनजागरण रैली निकाली जाएगी। अभियान के तहत महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा। इस कार्यक्रम में भारत के विख्यात संत अग्र मलूक पीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित जगद्गुरु द्वाराचार्य डॉ. राजेंद्रदास जी देवाचार्य महाराज का सान्निध्य रहेगा। वहीं ग्वाल संत श्री गोपालानंद सरस्वती भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
आयोजकों के अनुसार 27 जुलाई को सुबह 8 बजे से सवा 9 बजे तक महाराजा अग्रसेन भवन में विजय मंत्र का सामूहिक कीर्तन होगा। इसके बाद सभी गोभक्त वनिता विश्राम पहुंचेंगे, जहां से सुबह 10 बजे संतों के सान्निध्य में विशाल रैली जिला सेवा सदन के लिए रवाना होगी। रैली में बैलगाड़ियां, आकर्षक झांकियां, ढोल-नगाड़ों के साथ महिलाओं, युवाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भाग लेने की संभावना है।
अभियान के समर्थन में सिल्क सिटी मार्केट में गोभक्तों ने अपने रक्त से पत्र लिखकर भारत सरकार से गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने तथा गौवध पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की। इसके साथ ही सूरत में व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है। एकत्रित हस्ताक्षरों को लाल कपड़े में पोटलों के रूप में बांधकर बैलगाड़ियों में रखकर रैली के साथ ले जाया जाएगा, जिससे गौसंरक्षण और गौसम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंच सके।
व्यापारिक संगठनों एवं विभिन्न समाजों ने भी अभियान को समर्थन देते हुए रैली में अधिकाधिक भागीदारी का संकल्प व्यक्त किया है। आयोजकों ने नागरिकों से सफेद टी-शर्ट पहनकर हाथों में बैनर लेकर रैली में शामिल होने की अपील की है। साथ ही पत्रकारों से इस जनजागरण अभियान को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने का अनुरोध किया गया है।



