सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाला गिरफ्तार, दिल्ली छात्र प्रदर्शन को लेकर वायरल किया था फर्जी वीडियो
नवसारी से 1500 आदिवासियों के दिल्ली रवाना होने का झूठा दावा, सूरत क्राइम ब्रांच की कार्रवाई

सूरत। सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ वीडियो प्रसारित कर अफवाह फैलाने के आरोप में सूरत क्राइम ब्रांच ने कतारगाम निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर एक वीडियो वायरल कर दावा किया था कि नवसारी से आदिवासी समाज के 1500 लोग दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना हुए हैं, जबकि पुलिस जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा पाया गया।
पुलिस के अनुसार, 23 जुलाई को मनीष मौर्य नामक सोशल मीडिया अकाउंट से यह वीडियो प्रसारित किया गया था। वीडियो में बड़ी संख्या में लोगों के सड़क पर चलते हुए दृश्य दिखाकर उसे नवसारी से दिल्ली जा रहे आदिवासी समाज के लोगों का जत्था बताया गया। जांच में सामने आया कि यह वीडियो भ्रामक तरीके से तैयार कर सोशल मीडिया पर फैलाया गया था, जिससे लोगों में उकसावे, वैमनस्य और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका उत्पन्न हो सकती थी।
क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच के बाद इंस्टाग्राम अकाउंट धारक मनीष भुवरलाल मौर्य (42), निवासी जय अंबे सोसायटी, हरिदर्शन खाड़ा, कतारगाम, जो पान का गल्ला चलाता है, को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस संबंध में उमरा पुलिस साइबर क्राइम स्टेशन की 324 शाखा के पुलिसकर्मी कुणाल कुमार विठ्ठलभाई की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।




