मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का बड़ा फैसला
बाढ़ प्रभावित व्यापारियों को राज्य सरकार की बड़ी राहत, पुनर्वास सहायता पैकेज घोषित
सूरत, 15 जुलाई। सूरत शहर और जिले में हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ से व्यापार-धंधों को हुए व्यापक नुकसान को देखते हुए गुजरात सरकार ने प्रभावित व्यापारियों के लिए उदार पुनर्वास सहायता पैकेज की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में तैयार इस विशेष पैकेज की जानकारी बुधवार को राज्य के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने दी।
सरकार द्वारा घोषित इस पैकेज का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित व्यापारियों को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें जल्द से जल्द अपना कारोबार दोबारा शुरू करने में मदद करना है।
हर्ष संघवी ने बताया कि बाढ़ का सबसे अधिक असर छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों पर पड़ा है। इसे ध्यान में रखते हुए विभिन्न श्रेणियों के व्यापारियों के लिए अलग-अलग सहायता राशि निर्धारित की गई है। इसके तहत रेहड़ी एवं लारी धारकों को 7,500 रुपये, छोटी केबिन संचालकों को 25 हजार रुपये, बड़ी केबिन संचालकों को 50 हजार रुपये तथा जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वाली पक्की दुकानों को 1 लाख रुपये की एकमुश्त नकद सहायता दी जाएगी।
30 लाख रुपये तक के ऋण पर ब्याज सहायता
राज्य सरकार ने नकद सहायता के साथ व्यापारियों के पुनर्वास के लिए ब्याज सहायता योजना भी लागू करने का निर्णय लिया है। पिछले तिमाही के जीएसटी रिटर्न के आधार पर विभिन्न श्रेणी के व्यापारियों को 20 लाख से 30 लाख रुपये तक की टर्म लोन पर तीन वर्षों तक 7 प्रतिशत ब्याज सहायता प्रदान की जाएगी। हालांकि, लाभार्थी व्यापारी नकद सहायता अथवा ब्याज सहायता में से किसी एक योजना का ही लाभ ले सकेंगे।
30 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन
सरकार ने सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी निर्धारित कर दी है। नकद सहायता के लिए नुकसान का सर्वेक्षण, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के आधार पर मंजूरी दी जाएगी। सहायता प्राप्त करने के इच्छुक व्यापारियों को 30 सितंबर 2026 तक सूरत महानगरपालिका, संबंधित मामलतदार कार्यालय अथवा नगरपालिका के मुख्य अधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा।
वहीं, ब्याज सहायता योजना का लाभ लेने के लिए व्यापारियों को बैंक ऋण से संबंधित दस्तावेजों के साथ पैकेज घोषित होने की तिथि से छह माह के भीतर जिला उद्योग केंद्र में आवेदन करना होगा।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को एक वर्ष की कर माफी
राज्य मंत्रिमंडल ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सूरत के बाढ़ प्रभावित आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को एक वर्ष के लिए कर (वेरा) माफी देने का भी निर्णय लिया है।
सरकार के अनुसार अब तक 19,256 परिवारों को गृह सामग्री सहायता तथा 39,237 व्यक्तियों को नकद सहायता के रूप में कुल 13.15 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
उच्च स्तरीय समिति का गठन
बाढ़ के बाद शहर में स्वच्छता बनाए रखने और महामारी की आशंका को रोकने के लिए अन्य महानगरों से 9 हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों को सूरत में तैनात किया गया है। साथ ही, भविष्य में खाड़ी क्षेत्रों में दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो दीर्घकालीन कार्ययोजना तैयार कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
सहायता पैकेज एक नजर में
रेहड़ी एवं लारी धारकों को 7,500 रुपये नकद सहायता
छोटी केबिन को 25,000 रुपये तथा बड़ी केबिन को 50,000 रुपये सहायता
जीएसटी रिटर्न भरने वाली पक्की दुकानों को 1 लाख रुपये की सहायता
20 से 30 लाख रुपये तक की टर्म लोन पर 7 प्रतिशत ब्याज सहायता
आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026
बाढ़ प्रभावित आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों को एक वर्ष की कर माफी
अब तक 13.15 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित।




