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डुम्भाल के कपड़ा व्यापारी से फाइनेंसर ने 6 लाख के कर्ज के बदले 64.72 लाख की संपत्ति हड़पी

10 प्रतिशत मासिक ब्याज पर दिया था कर्ज, 2 लाख रुपये ब्याज वसूलने के बाद भी रेडीमेड सूट, वेलवेट कपड़ा, कार और 200 साड़ियां कब्जे में लीं; पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर पुलिस जांच शुरू

सूरत: डुंभाल स्थित श्रीनाथजी रो-हाउस निवासी रोमित प्रदीपभाई वैष्णव कपड़े का व्यापार करते हैं। रोमित की गोडादरा निवासी बॉबी यादव के साथ काफी समय से मित्रता थी। इसी कारण बॉबी के रिश्ते के भाई पवन कृष्णा यादव से भी उनकी पहचान हो गई थी। बॉबी ने रोमित से कहा था कि उसका भाई पवन ब्याज पर पैसे देने का काम करता है, इसलिए जब भी पैसों की जरूरत हो तो उससे संपर्क कर लेना।

पैसों की आवश्यकता होने पर रोमित ने पवन यादव से संपर्क किया। पवन ने 10 प्रतिशत मासिक ब्याज की शर्त पर 2 लाख रुपये उधार दिए। साथ ही रोमित से छह कोरे चेकों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। इसके बाद करीब दस महीने तक रोमित नियमित रूप से ब्याज का भुगतान करता रहा। बाद में जरूरत पड़ने पर उसने पवन से अलग-अलग समय पर और रकम ली, जिससे कुल उधार 6 लाख रुपये हो गया।

इससे पहले रोमित वैष्णव ने गोडादरा स्थित महाराणा प्रताप चौराहे के पास गुरुकृपा ज्वेलर्स में करीब 20 तोला सोना गिरवी रखकर ब्याज पर पैसे लिए थे। इसकी जानकारी उन्होंने पवन यादव को दी। इसके बाद पवन ने अपने परिचित जे.बी. चौकसी ज्वेलर्स के मालिक को बुलाकर गुरुकृपा ज्वेलर्स में करीब 8 लाख रुपये जमा करवाए और गिरवी रखा सोना छुड़वा लिया। पवन ने कहा था कि अब जे.बी. चौकसी ज्वेलर्स में केवल 2 प्रतिशत ब्याज देना होगा। लेकिन बाद में पवन ने रोमित की जानकारी के बिना ही वह सोना अपने कब्जे में रख लिया।

इसके बाद जुलाई 2025 में पवन ने अपने हिसाब से रकम जोड़कर रोमित पर 8 लाख रुपये चुकाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। उस समय रोमित के पास पैसे नहीं थे, इसलिए पवन ने श्री पीस रेडीमेड सूट का माल मांगा। इस पर रोमित ने टेक्सटाइल मार्केट स्थित इलाइट एडिशन से 6,72,000 रुपये तथा स्वीटी फैशन से 15,00,000 रुपये के रेडीमेड सूट दिलवाए। इस प्रकार कुल 21,72,000 रुपये का रेडीमेड सूट का माल पवन को दे दिया।

इसके बाद नवंबर 2025 में दिवाली के दौरान रोमित को फिर पैसों की जरूरत पड़ी। वह दोबारा पवन के पास गया। पवन ने एक महीने में दोगुना लौटाने की शर्त पर प्रिंस के माध्यम से 1 लाख रुपये दिलवाए। बाद में पवन ने ब्याज सहित कुल 15 लाख रुपये का हिसाब बताकर भुगतान का दबाव बनाया। रकम नहीं होने पर उसने वेलवेट कपड़ा देने के लिए कहा। इसके बाद रोमित ने टेक्सटाइल मार्केट स्थित सालासर फैब्रिक्स से 18 लाख रुपये तथा सीयांसी सिल्क नामक दुकान से 17 लाख रुपये का वेलवेट कपड़ा दिलवाया। इस प्रकार कुल 35 लाख रुपये का वेलवेट कपड़ा पवन को दे दिया।

इसके बाद अप्रैल 2026 में पवन ने ब्याज के बदले रोमित की जीजे-18-बीजे-7770 नंबर की फॉक्सवैगन वेंटो कार भी अपने कब्जे में ले ली। कुछ दिनों बाद उसने करीब 8 लाख रुपये कीमत की 200 साड़ियां भी ले लीं। इसके बावजूद पहले लिए गए कोरे चेकों में से एक में 3.50 लाख रुपये की राशि भरकर बैंक में जमा कर दी, जो अनादरित (डिशऑनर) होकर वापस लौट आया।

शिकायत के अनुसार, 6 लाख रुपये की मूल रकम के बदले पवन यादव करीब 2 लाख रुपये ब्याज के रूप में पहले ही वसूल चुका था। इसके बावजूद उसने कुल 64.72 लाख रुपये का रेडीमेड सूट, वेलवेट कपड़ा, कार और साड़ियां अपने कब्जे में ले लीं। लगातार धमकियां और दबाव से परेशान होकर रोमित वैष्णव ने पुलिस से संपर्क किया, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

 

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