
सूरत। टैक्स जमा कराने के नाम पर एक यार्न व्यापारी से 98 लाख रुपये की कथित ठगी करने और फर्जी टैक्स क्लियरेंस व ऑडिट दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने के आरोप में सलाबतपुरा पुलिस ने एक वकील दंपती को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, सिटीलाइट स्थित आशीर्वाद पार्क निवासी संजय जुगलकिशोर शर्मा रिंग रोड स्थित एम्पायर स्टेट बिल्डिंग में रूंगटा रेयॉन नाम से यार्न का कारोबार करते हैं। वर्ष 1999 में उन्होंने वेट और सीएसटी रिटर्न तथा टैक्स संबंधी कार्य के लिए सुपर टैक्स टावर स्थित अधिवक्ता रणवीरसिंह इंधा और उनकी पत्नी नीरज इंधा की सेवाएं ली थीं।
वर्ष 2013-14 के बाद रणवीरसिंह ने व्यापारी से कहा कि टैक्स जमा कराने की राशि सीधे उनके खाते में भेज दी जाए, जिससे वे समय-समय पर सरकार के खाते में टैक्स जमा कर देंगे। वकील होने के कारण व्यापारी ने उन पर भरोसा किया और वर्ष 2017-18 तक उनके बताए अनुसार करीब 98 लाख रुपये उनके खाते में जमा कराए। इसके बदले दंपती कथित रूप से टैक्स क्लियरेंस और ऑडिट रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराते रहे।
बाद में जीएसटी लागू होने पर व्यापारी ने टैक्स का काम दूसरे सलाहकार को सौंप दिया। 4 मई 2024 को उनका इंडियन ओवरसीज बैंक का खाता अचानक सीज हो गया। जांच में पता चला कि वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक का वेट टैक्स जमा ही नहीं किया गया था। ब्याज सहित कुल 3.28 करोड़ रुपये की सरकारी वसूली लंबित होने के कारण विभाग ने खाते पर कार्रवाई की थी।
आगे की जांच में सामने आया कि वकील दंपती ने टैक्स जमा किए बिना ही फर्जी टैक्स क्लियरेंस दस्तावेज और ऑडिट रिपोर्ट देकर व्यापारी को गुमराह किया। इसके बाद संजय शर्मा ने सलाबतपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले में आरोपी रणवीरसिंह मांगेलाल इंधा (62) और उनकी पत्नी नीरजबेन रणवीरसिंह इंधा (55), निवासी नीलकंठ सोसायटी, पुणागाम, को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।



