
सूरत। सूरत साइबर क्राइम पुलिस ने वजन घटाने की दवा और विशेष उपचार के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम में छापा मारकर ‘क्योरस्ट साइंस एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से फर्जी कंपनी चलाने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। गिरोह ने सूरत के अडाजन क्षेत्र की एक गृहिणी को शिकार बनाकर पांच माह में 1.77 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की थी।
पुलिस के अनुसार पीड़िता को फेसबुक पर वजन घटाने की दवा का विज्ञापन दिखाई दिया था। विज्ञापन पर क्लिक करते ही आरोपियों ने व्हाट्सएप और मोबाइल कॉल के जरिए संपर्क कर खुद को कंपनी के डॉक्टर, सलाहकार और विशेषज्ञ बताया। उन्होंने विशेष दवा और ट्रीटमेंट का भरोसा देकर महिला से 1 करोड़ 77 लाख 40 हजार 500 रुपये वसूल लिए। इसके बाद भी 81.50 लाख रुपये और मांगे तथा रकम नहीं देने पर फाइल बंद करने और जमा रकम वापस नहीं करने की धमकी दी।
शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। इसी दौरान दवा का पार्सल और 81 लाख रुपये लेने सूरत आए कूरियर बॉय मोहम्मद हुसैन उर्फ राहुल राज मोहम्मद मुतुर्जा (26), निवासी सालापुर गांव, बीजवासन, दिल्ली को रंगे हाथों पकड़ा गया। उसकी पूछताछ के बाद पुलिस टीम गुरुग्राम पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा।
छापे में हिना विमलेश मंडल (21), निवासी राजोकरी दिल्ली, निशा कुमारी दयानंद भारती (22), निवासी गुरुग्राम हरियाणा और ओमप्रकाश रजाक (24), निवासी शारदापुरी दिल्ली को गिरफ्तार किया गया। वहीं कंपनी के डायरेक्टर अमित गौरव, पंकज शर्मा, मैनेजर दीपक और अर्सलान फरार हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल, दो लैपटॉप, 70 हजार रुपये नकद और दवाओं के पार्सल बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर में 100 से 150 कर्मचारी टेली कॉलर, सलाहकार, डॉक्टर और कूरियर बॉय के रूप में काम कर रहे थे। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने पिछले चार वर्षों में 75 से 80 करोड़ रुपये तक की ठगी की है।


