
सूरत। सूरत में डिजिटल फ्रॉड और आइडेंटिटी थेफ्ट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के प्रतिष्ठित प्रतिभा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के मालिक का फर्जी व्हाटसअप प्रोफाइल बनाकर साइबर ठगों ने कंपनी के सीनियर अकाउंटेंट को झांसे में लेकर 28 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करवा लिए। जांच में खुलासा हुआ कि ठगों ने पहले आरबीआई के नाम पर संदिग्ध ज़िप फाइल भेजकर अकाउंटेंट का वेब व्हाटसअप हैक किया था और लंबे समय तक मालिक एवं अकाउंटेंट के बीच होने वाली बातचीत की भाषा व पैटर्न का अध्ययन करने के बाद इस वारदात को अंजाम दिया।
साइबर क्राइम सेल के अनुसार, मूल रूप से बिहार निवासी तथा वर्तमान में अलथाण-भीमराड कैनाल रोड स्थित सेंटोसा हाइट्स में रहने वाले 61 वर्षीय आसुलेश प्रसाद सुरेश प्रसाद सेठ पिछले 26 वर्षों से प्रतिभा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज में सीनियर अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत हैं। 23 जून की सुबह उनके व्हाटसअप पर एक अज्ञात नंबर से संदेश आया, जिसमें खुद को कंपनी के मालिक अक्षत प्रमोदकुमार चौधरी बताया गया। मालिक का नाम और बातचीत का तरीका बिल्कुल वास्तविक होने के कारण उन्हें कोई संदेह नहीं हुआ।
ठग ने पहले कंपनी के मुख्य बैंक खातों की बैलेंस शीट मंगवाई और फिर एक क्लाइंट को तत्काल भुगतान करने का हवाला देकर इंडसइंड बैंक के खाते में अलग-अलग किस्तों में कुल 28 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में कार्यालय में सहकर्मियों से चर्चा के दौरान मामला संदिग्ध लगा। जब वास्तविक मालिक से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने ऐसा कोई संदेश भेजने से इनकार कर दिया। इसके बाद कंपनी ने तत्काल बैंक से संपर्क कर संबंधित खाते को फ्रीज कराया तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच में पता चला कि 2 और 17 जून को अकाउंटेंट के मोबाइल पर आरबीआई के नाम और लोगो का उपयोग कर दो संदिग्ध ज़िप फाइलें भेजी गई थीं। इन फाइलों में बैंक खाता बंद या प्रतिबंधित करने की चेतावनी देकर वेब व्हाट्सअप हैक किया गया था। इसके बाद साइबर अपराधियों ने लंबे समय तक चैटिंग का अध्ययन कर सही समय पर फर्जी प्रोफाइल के जरिए करोड़ों की कंपनी में 28 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




