
सूरत। टेक्सटाइल उद्योग में लगातार बढ़ती लागत और कमजोर बाजार परिस्थितियों के बीच सूरत के रैपियर जैकार्ड वीवर्स एसोसिएशन ने जैकार्ड वीवर्स से न्यूनतम जॉबवर्क रेट तय करने और 27 पैसे से कम पर काम नहीं लेने की अपील की है। एसोसिएशन ने सामूहिक रूप से 25 से 30 पैसे तक रेट बढ़ाने की जरूरत भी बताई है, ताकि वीवर्स को लगातार हो रहे नुकसान से राहत मिल सके।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सी.के. माणिया ने सोशल मीडिया संदेश के जरिए कहा कि पिछले पांच-छह महीनों से जैकार्ड वीवर्स “न लाभ, न नुकसान” की स्थिति में काम कर रहे हैं। आने वाले समय में कपड़े में वेटिंग पीरियड बढ़ने की आशंका है, ऐसे में सभी वीवर्स को मिलकर न्यूनतम भाव तय कर कारोबार करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से जॉबवर्क करने वाले वीवर्स से 27 पैसे से नीचे काम नहीं लेने की अपील की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सामूहिक निर्णय नहीं लिया गया तो सूरत की जैकार्ड इंडस्ट्री की हालत भी मोरबी के सिरेमिक उद्योग जैसी हो सकती है, जहां विभिन्न कारणों से 50 प्रतिशत से अधिक इकाइयां प्रभावित होकर बंदी की कगार पर पहुंच गई हैं। अध्यक्ष ने कहा कि बिजली, मजदूरी, किराया और लोन ब्याज जैसी बढ़ती लागत के बीच फैक्टरी का न्यूनतम कॉस्टिंग निकालना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में नुकसान में काम करना उद्योग के लिए घातक साबित हो सकता है। इसलिए सभी जैकार्ड वीवर्स को एकजुट होकर रेट वृद्धि पर सामूहिक फैसला लेकर उसका सख्ती से पालन करना चाहिए।



