सूरत RTO में AI ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की शुरुआत, पहले ही दिन 20 में से 17 कार चालक फेल
19 हाईटेक कैमरों और सेंसरों से लैस ट्रैक पर छोटी-सी गलती भी पड़ेगी भारी, पास-फेल का संदेश तुरंत मोबाइल पर मिलेगा

सूरत। सूरत शहर में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया अब अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित हो गई है। सूरत आरटीओ में 15 जून से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का आधिकारिक शुभारंभ किया गया। पहले दिन शाम 4 बजे से नई व्यवस्था के तहत ड्राइविंग टेस्ट शुरू किए गए, जिनमें आवेदकों ने AI प्रणाली के माध्यम से परीक्षा दी।
AI ट्रैक के पहले दिन फोर-व्हीलर श्रेणी में 20 तथा टू-व्हीलर श्रेणी में 26 आवेदकों ने ड्राइविंग टेस्ट दिया। कार चालकों के लिए हुई परीक्षा में AI सिस्टम की कड़ी जांच के कारण केवल 3 चालक ही सफल हो सके, जबकि 17 आवेदक असफल घोषित किए गए। वहीं, टू-व्हीलर के लिए शुरू किए गए दो AI ट्रैकों पर अधिकांश आवेदक परीक्षा में सफल रहे।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद आरटीओ कर्मचारियों की मैन्युअल निगरानी पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। टेस्ट ट्रैक पर कुल 19 अत्याधुनिक AI कैमरे और सेंसर लगाए गए हैं, जो वाहन चालक की हर गतिविधि पर नजर रखते हैं। वाहन चलाते समय की गई छोटी से छोटी गलती भी सिस्टम में दर्ज हो जाती है।
AI ट्रैक पर लगी डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से आवेदकों को टेस्ट के दौरान आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं। यदि कोई चालक किसी भी चरण में निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है या गलती करता है तो उसे तुरंत फेल घोषित कर दिया जाता है और उसे आगे की प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति नहीं दी जाती।
इस नई प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ यह है कि ड्राइविंग टेस्ट समाप्त होते ही आवेदक के मोबाइल फोन पर पास या फेल होने का संदेश तुरंत भेज दिया जाता है। इससे परिणाम के लिए आरटीओ कार्यालय में इंतजार करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
AI आधारित ड्राइविंग टेस्ट व्यवस्था से ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और केवल योग्य एवं सक्षम वाहन चालकों को ही लाइसेंस प्रदान किया जा सकेगा।




