सामाजिक/ धार्मिकसूरत सिटी

खाड़ियों पर 30 मीटर मार्जिन में कई जगह 18 मीटर तक अवैध निर्माण, हाईटेक सर्वे में बड़ा खुलासा

खाड़ी बाढ़ की स्थायी समस्या के समाधान के लिए ड्रोन सर्वे, तकनीकी अध्ययन के आधार पर बनेगा एक्शन प्लान

सूरत। सूरत शहर में हर वर्ष मानसून के दौरान खाड़ी बाढ़ से उत्पन्न होने वाली गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए सूरत महानगरपालिका, जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग ने संयुक्त रूप से हाईटेक सर्वे शुरू किया है। सर्वे की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई स्थानों पर खाड़ियों के 30 मीटर निर्धारित मार्जिन क्षेत्र में करीब 18 मीटर तक अवैध निर्माण और अतिक्रमण पाए गए हैं। इसके बाद आने वाले दिनों में खाड़ियों पर बने अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाए जाने की संभावना है।

सर्वे के पहले चरण में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि खाड़ियों में पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित न हो। इसके लिए सभी जोनों में अतिक्रमण वाले “चोक पॉइंट” चिन्हित किए जा रहे हैं। सरथाणा क्षेत्र में ऐसे चार और सचिन-कनकपुर क्षेत्र में तीन प्रमुख स्थानों की पहचान की गई है। अन्य जोनों से भी अतिक्रमणग्रस्त स्थलों की सूची तैयार की जा रही है। अगले सप्ताह समिति की बैठक में अंतिम निर्णय के बाद मेगा डिमोलिशन ड्राइव शुरू की जा सकती है।

नगरपालिका द्वारा कराया जा रहा यह हाईटेक सर्वे केवल ड्रोन फोटोग्राफी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें खाड़ियों की जल वहन क्षमता, पानी के प्रवाह में बाधा बनने वाले अतिक्रमण, डी-सिल्टिंग की आवश्यकता, प्रोटेक्शन वॉल तथा आवश्यक चौड़ाई सहित सभी तकनीकी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। इसी आधार पर पूरे खाड़ी नेटवर्क के लिए स्थायी कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार की जाएगी। ड्रोन सर्वे की प्रारंभिक रिपोर्ट अगले 10 दिनों में और विस्तृत डीपीआर लगभग 60 दिनों में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।

इधर, हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद शहर के 100 से अधिक स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी थी। विशेष रूप से खाड़ी किनारे के क्षेत्रों में दो से पांच दिनों तक पानी जमा रहने की समस्या सामने आई। इसे देखते हुए नगर निगम अब सभी जलभराव वाले क्षेत्रों का हाईटेक मैपिंग कर रिचार्ज बोरवेल की संख्या बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। भूजल स्तर का वैज्ञानिक अध्ययन कर वर्षा और खाड़ी के पानी को तेजी से जमीन में उतारने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। सणिया हेमाद और सारोली क्षेत्र में पांच रिचार्ज बोरवेल बनाए जा चुके हैं, जबकि पांच नए बोरवेल निर्माणाधीन हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button