
सूरत। शहर के सारोली स्थित टेक्सटाइल मार्केट में व्यापारी ठगी का एक और मामला सामने आया है। गोकुल फैब्रिक्स तथा सुदेव फैशन प्रा. लि. फर्म से कपड़े का माल खरीदकर 13.61 लाख रुपये का भुगतान नहीं करने और व्यापारिक विश्वासघात करने के आरोप में सारोली पुलिस ने लाहोटी पिता-पुत्र त्रिपुटी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार विष्णुकांत हरिनिवास हेड़ा (उम्र 36 वर्ष), निवासी प्रमुख पार्क अपार्टमेंट, डुंभाल पर्वत पाटिया, पिछले करीब पांच वर्षों से गोपाल मांगीलाल चांडक की गोकुल फैब्रिक्स (दुकान नं. 5006, आरआरटीएम-2 मार्केट, सारोली) तथा सुदेव फैशन प्रा. लि. (दुकान नं. 926 से 945, रघुवीर प्लेटिनियम मार्केट, सारोली) फर्म में मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें फर्म की ओर से कपड़े की बिक्री, माल सप्लाई और भुगतान वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
शिकायत के मुताबिक वर्ष 2022 में शिकायतकर्ता एवं सेल्समैन विवेक शर्मा मार्केटिंग हेतु “क्वालिटी फैब” फर्म पर गए थे, जहां व्यापारी देवकीशन रामेश्वरलाल लाहोटी तथा उनके पुत्र विष्णु लाहोटी और महेश लाहोटी ने स्वयं को कपड़ा बाजार के पुराने व विश्वसनीय व्यापारी बताते हुए 30 दिनों में नियमित भुगतान करने का भरोसा देकर व्यापार शुरू कराया। शुरुआत में आरोपियों ने समय पर भुगतान कर विश्वास भी हासिल किया था।
इसके बाद गोकुल फैब्रिक्स फर्म से दिनांक 13-08-2025 से 27-08-2025 के बीच अलग-अलग बिलों के माध्यम से 5,40,055 रुपये का डाइड कपड़ा सप्लाई किया गया। वहीं सुदेव फैशन प्रा. लि. फर्म से दिनांक 31-07-2025 से 28-08-2025 के दौरान कुल 20 बिलों द्वारा 8,21,684 रुपये का कपड़ा भेजा गया। इस प्रकार दोनों फर्मों का कुल 13,61,739 रुपये का माल लेने के बाद आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर समय व्यतीत किया और बाद में फोन उठाना बंद कर दुकान भी बंद कर दी।
आरोपियों ने मीठी बातों से विश्वास में लेकर जानबूझकर भुगतान नहीं किया और व्यापारिक आपराधिक विश्वासघात किया। इस संबंध में विष्णुकांत हेड़ा की शिकायत पर सारोली पुलिस स्टेशन में विष्णुभाई देवकीशन लाहोटी, महेशभाई देवकीशन लाहोटी तथा देवकीशन रामेश्वरलाल लाहोटी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बीएनएसएस-2023 की धारा 176 के तहत सार्वजनिक रिपोर्ट तैयार कर आगे की जांच पीएसआई एस.बी. नकुम को सौंपी है।
पुलिस द्वारा मामले में सेल्समैन विवेक शर्मा सहित संबंधित दस्तावेजों और व्यापारिक लेनदेन की जांच की जा रही है।



