
सूरत। दिल्ली गेट स्थित श्री कुबेरजी टेक्सटाइल पार्क से जुड़े कपड़ा व्यापारी समेत पांच कपड़ा व्यापारियो के साथ 1 करोड़ 82 लाख 93 हजार 517 रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। लेडीज सूट कपड़े का माल उधार में खरीदने के बाद भुगतान नहीं करने तथा दुकान बंद कर फरार हो जाने पर सूरत के दलाल और हैदराबाद के व्यापारी के खिलाफ महीधरपूरा पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार इकराम मोहम्मद नूर कुरेशी निवासी बी-704 मलबार हिल, रांदेर रोड, अडाजन, सूरत तथा मूल निवासी चौहान बांगर, न्यू सीलमपुर, दिल्ली , पिछले करीब आठ वर्षों से श्री कुबेरजी टेक्सटाइल पार्क स्थित दुकान नंबर डी-103 में “जारा सूट” नाम से लेडीज सूट कपड़े का कारोबार करते हैं। आरोपी कपड़ा दलाल सुरेशभाई शंभुभाई धोळिया निवासी ए-205 जय सहकार अपार्टमेंट, फुलपाड़ा विद्यालय के पास, हीराबाग, सूरत तथा मूल निवासी सुरनगर गांव, पालिताणा, जिला भावनगर और मोहम्मद गोस खान निवासी 23-2-238 मोगलपुरा रोड, हैदराबाद, तेलंगाना ने मिलकर कपड़ा मार्केट के कई व्यापारियो ले साथ करोड़ो रूपये की ठगी करने का शिकायत दर्ज हुआ है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मई-2024 में कपड़ा दलाल सुरेशभाई धोळिया इकराम भाई की दुकान पर पहुंचे और खुद को टेक्सटाइल मार्केट का अनुभवी दलाल बताते हुए कहा कि वह वर्षों से कपड़ा व्यापारियों का माल देश के अलग-अलग शहरों में बिकवाते हैं तथा समय पर भुगतान भी करवाते हैं। उन्होंने हैदराबाद के व्यापारी मोहम्मद गोस खान से मुलाकात करवाई। गोस खान ने खुद को “सेफेरोन डिजाइनर” फर्म का संचालक बताते हुए हैदराबाद का प्रतिष्ठित व्यापारी बताया और बड़े स्तर पर व्यापार करने की बात कही। दोनों आरोपियों ने समय पर भुगतान का भरोसा देकर व्यापार शुरू कराया। शुरुआत में एक-दो बिलों का भुगतान समय पर कर व्यापारियों का विश्वास जीत लिया गया। इसके बाद 1 जून 2024 से 24 जून 2024 के बीच 60 दिनों में भुगतान करने की शर्त पर इकराम कुरेशी की फर्म “जारा सूट” से अलग-अलग जीएसटी बिलों के जरिए 51 लाख 7 हजार 757 रुपये का लीडीज सूट कपड़ा खरीदा गया, जिसे ट्रांसपोर्ट के माध्यम से हैदराबाद भेजा गया था।
जब भुगतान की अवधि पूरी हुई तो फरियादी ने रकम की मांग शुरू की, लेकिन आरोपी अलग-अलग बहाने बनाकर समय निकालते रहे। फरियादी कई बार हैदराबाद भी गए, मगर आरोपी अपने बताए पते पर नहीं मिला। बाद में मोहम्मद गोस खान ने एक एग्रीमेंट कर 10 मई 2025 तक पूरा भुगतान करने का आश्वासन दिया और 6 लाख रुपये का एक चेक तथा 5-5 लाख रुपये के नौ चेक दिए, लेकिन बैंक में जमा कराने पर सभी चेक बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इसी तरीके से कई अन्य व्यापारियों को भी निशाना बनाया गया। जयेशकुमार मनोहरलाल चांदवानी की फर्म “जाना कॉटन” से 16 लाख 15 हजार 578 रुपये, मेहुल भरतभाई पटेल की फर्म “अलख सूट्स” से 34 लाख 79 हजार 748 रुपये, अमितभाई घिसूलाल रांका की फर्म “जिप्सी ट्रेंड्ज” से 27 लाख 48 हजार 491 रुपये तथा “मधुरम सूट्स” नामक फर्म से 53 लाख 41 हजार 943 रुपये का माल उधार में लिया गया। इस प्रकार कुल 1 करोड़ 82 लाख 93 हजार 517 रुपये मूल्य का कपड़ा माल उठाकर भुगतान नहीं किया गया।
दोनों आरोपियों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत पहले व्यापारियों का विश्वास जीता, फिर बड़ी मात्रा में माल उठाकर भुगतान टालते रहे और अंत में हैदराबाद स्थित दुकान बंद कर फरार हो गए। आरोप है कि दोनों ने व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।मामले की जांच पुलिस इंस्पेक्टर किरणसिंह वाघसिंह बारिया कर रहे है




