
सूरत। साड़ी के कारोबार के लिए मित्र से उधार लिए गए रुपये वापस नहीं चुकाने और चेक बाउंस होने के मामले में अदालत ने आरोपी पंकजभाई शाह को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास तथा 5.50 लाख रुपये 6 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार, परिवादी पारसमल नानालाल जैन “उषा फैब्रिक्स” के नाम से कपड़े का व्यापार करते हैं, जबकि आरोपी पंकजभाई दिनेशभाई शाह “केसर क्रिएशन” नाम से साड़ी का व्यवसाय करते हैं। दोनों के बीच व्यवसायिक संबंधों के चलते मित्रता थी।
आरोपी ने अपने व्यापार में आर्थिक आवश्यकता होने की बात कहकर परिवादी से अलग-अलग समय पर कुल 5 लाख 50 हजार रुपये उधार लिए थे। आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि वह जल्द ही पूरी रकम लौटा देगा। बाद में परिवादी द्वारा रकम की मांग करने पर आरोपी ने चेक दिया, लेकिन बैंक में जमा कराने पर वह अनादरित (बाउंस) हो गया। इसके बाद परिवादी ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता कल्पेश एस. देसाई, विरल एस. चलियावाला और निसर्ग बी. देसाई ने प्रभावी पैरवी कर आरोप सिद्ध किया। अंतिम सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी पंकज शाह को दोषी करार देते हुए एक वर्ष की सजा तथा 5.50 लाख रुपये 6 प्रतिशत ब्याज सहित परिवादी को क्षतिपूर्ति के रूप में चुकाने का आदेश दिया।



