सूरत में गुजरात गौरव दिवस–2026 की भव्य राज्यस्तरीय मनाई गई
डुमस सी-फेस पर ‘गौरववंत गुजरात, विरासत से विकास’ थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, 7.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

सूरत। गुजरात गौरव दिवस (1 मई 2026) के अवसर पर सूरत के डुमस सी-फेस पर राज्यस्तरीय भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य देवव्रत ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भूपेंद्र पटेल और हर्ष संघवी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर ‘गौरववंत गुजरात, विरासत से विकास’ थीम पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अपने संबोधन में कहा कि गुजरात ने शून्य से शुरुआत कर आज देश का अग्रणी राज्य बनने तक का सफर तय किया है। उन्होंने बताया कि कभी पानी और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने वाला राज्य आज विकास के शिखर पर है। उन्होंने सूरतवासियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सूरत के लोगों ने न केवल अपने शहर का स्वरूप बदला है, बल्कि वे जहां भी जाते हैं, वहां भी विकास की छाप छोड़ते हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में गुजरात देश का ‘ग्रोथ इंजन’ और वैश्विक ‘रोल मॉडल’ बना है। उन्होंने सूरत को इंडस्ट्रियल सिटी के साथ-साथ ग्रीन और क्लाइमेट रेजिलिएंट सिटी बताते हुए कहा कि शहर ने 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसों और सर्कुलर वाटर इकोनॉमी मॉडल को अपनाकर देश को नई दिशा दी है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सूरत शहर और जिले के विकास कार्यों के लिए कुल 7.50 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की। उन्होंने जिला कलेक्टर, जिला विकास अधिकारी और नगर आयुक्त को 2.50-2.50 करोड़ रुपये के चेक प्रदान किए।

नायब मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने ‘टीम गुजरात’ की भावना से राज्य को हर क्षेत्र में नंबर वन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने और कचरापेटी का उपयोग करने की अपील की। साथ ही उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और तेल-शक्कर का सीमित उपयोग करने का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम के दौरान ‘गुजरात गरिमा अवॉर्ड–2026’ से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। साथ ही सूरत जिले की विकास यात्रा को दर्शाने वाली पुस्तकों ‘विकास वाटिका’ और ‘कॉफी टेबल बुक’ का भी विमोचन किया गया।

डुमस सी-फेस पर आयोजित 50 मिनट के रंगारंग मल्टीमीडिया सांस्कृतिक कार्यक्रम में 250 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया। इस प्रस्तुति में सूरत के इतिहास से लेकर वर्तमान विकास यात्रा को आकर्षक लाइट और साउंड इफेक्ट्स के माध्यम से दर्शाया गया, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।


