आचार्या का मंगल मिलन बना आध्यात्मिक प्रेरणा का अनुपम अवसर आचार्य द्वय का मंगल मिलन

सूरत।संतों का मंगल मिलन सदैव ही भव्य, स्नेहपूर्ण और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण होता है। ऐसा ही एक अत्यंत भावविभोर और ऐतिहासिक क्षण आज उस समय साकार हुआ, जब 22 माह के दीर्घ अंतराल के पश्चात दो पूज्य आचार्य भगवंतों का मंगलमय मिलन सम्पन्न हुआ। यह पावन दृश्य उपस्थित साधु साध्वी श्रावक-श्राविकाओं के लिए अपार हर्ष, उत्साह और आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत बन गया।
इस मंगल अवसर पर आत्मज्ञानी सद्गुरुदेव, ध्यान गुरु, श्रमण संघीय चतुर्थ पट्टधर, आचार्य सम्राट पूज्य डॉ. श्री शिवमुनि जी म.सा. आत्म भवन, अवध संगरीला से विहार कर प्रातः 8. 30 बजे लब्धि पार्श्वनाथ तीर्थ धाम पधारे। वहीं पर वाव से विहार का श्वेताम्बर मूर्तिपूजक परम्परा के विजय वल्लभ समुदाय के गच्छाधिपति पद्मश्री आचार्य श्री नित्यानन्द सूरीश्वर जी म.सा. के साथ लब्धी पार्श्वनाथ तीर्थ धाम में मंगल मिलन हुआ।
दोनों आचार्य भगवंतों ने एक-दूसरे के प्रति विनय, आदर और आत्मीयता प्रकट करते हुए परस्पर धर्मचर्चा की, जिसमें आत्मकल्याण और साधना के गूढ़ विषयों पर प्रेरणादायी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। इस दिव्य मिलन ने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर
दिया। उपस्थित जनसमुदाय ने इस दुर्लभ अवसर का लाभ लेते हुए गुरु दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 17 जून 2024 को आत्म भवन, अवध संगरीला में दोनों आचार्य भगवंतों का मंगल मिलन हुआ था। आज का यह मिलन उस पावन स्मृति को पुनः ताजा कर गया और सभी के हृदय में विशेष आनंद का संचार हुआ।



