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सूरत कलेक्टर कार्यालय में हाईवोल्टेज ड्रामा: नामांकन नहीं भर पाने पर आप की महिला उम्मीदवार ने फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास

भाजपा-आप कार्यकर्ताओं में नारेबाजी से तनावपूर्ण माहौल, पुलिस ने संभाली स्थिति

सूरत। स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन सूरत कलेक्टर कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वार्ड नंबर 14 (मातावाड़ी-करंज) से आम आदमी पार्टी की महिला उम्मीदवार गौशालीबेन गांगड़े ने नामांकन फॉर्म जमा नहीं कर पाने से आहत होकर कथित रूप से फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद कलेक्टर कार्यालय परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई और राजनीतिक माहौल अचानक गर्मा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अन्य दलों के उम्मीदवार उत्साहपूर्वक नामांकन भर रहे थे, तभी गौशालीबेन ने अचानक फिनाइल पी लिया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने तत्काल 108 एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार गौशालीबेन ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कड़े नियमों और तकनीकी त्रुटि के कारण वे नामांकन फॉर्म जमा नहीं कर सकीं। उनका कहना था कि पार्टी द्वारा उन्हें अधिकृत मंडेट दिया गया था, लेकिन डाटा सुधार की समयसीमा संबंधी नियमों के चलते उनकी उम्मीदवारी अटक गई। फॉर्म में हुई तकनीकी समस्या और प्रक्रिया संबंधी अड़चन से निराश होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
घटना के बाद कलेक्टर कार्यालय परिसर में पुलिस बंदोबस्त बढ़ा दिया गया। नामांकन के अंतिम दिन यहां राजनीतिक तनाव भी देखने को मिला। आम आदमी पार्टी के प्रदेश नेता मनोज सोरठिया नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे, जिनके साथ पार्टी नेता गोपाल इटालिया भी मौजूद थे। उसी दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता अपने उम्मीदवारों के समर्थन में वहां पहुंचे हुए थे।
गोपाल इटालिया के पहुंचते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। साथ ही ‘केजरीवाल चोर है’ और अन्य विवादित नारे लगाए गए। इसके जवाब में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने झाड़ू लेकर ‘परिवर्तन’ और ‘झाड़ू-झाड़ू’ के नारे लगाते हुए विरोध जताया। दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ जाने से टकराव की स्थिति बन गई।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों समूहों के बीच मानव श्रृंखला बनाकर माहौल नियंत्रित किया। बाद में दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं की मध्यस्थता से कार्यकर्ताओं को शांत कराया गया और परिसर में शांति बनाए रखने की अपील की गई। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच अंततः मनोज सोरठिया सहित अन्य उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
सूरत में इस बार के चुनाव में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच सीधा मुकाबला होने के संकेत मिल रहे हैं, जिसकी झलक नामांकन के अंतिम दिन कलेक्टर कार्यालय में हुए घटनाक्रम से साफ दिखाई दी।

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