
सूरत। सूरत के व्यापारी से उधार में माल खरीदकर भुगतान नहीं करने वाले पटना के एक व्यापारी को चेक बाउंस मामले में सूरत की अदालत ने एक वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने आरोपी को चेक की राशि शिकायतकर्ता को मुआवजे के रूप में चुकाने का भी आदेश दिया है।
मामले की जानकारी के अनुसार, सूरत के सारोली रोड पर केशव कॉर्पोरेशन के नाम से व्यापार करने वाले अजयकुमार मुरारीलाल केजरीवाल ने पटना स्थित सुरभि सिंथेटिक्स के संचालक महेश सीधनिया को उधार में कपड़ा बेचा था। इसके भुगतान के लिए महेश सीधनिया ने 1.81 लाख रुपये का चेक दिया था। हालांकि, जब चेक बैंक में जमा कराया गया तो वह बाउंस हो गया।
इसके बाद अजयकुमार केजरीवाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सूरत की अदालत में चेक बाउंस की शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के दौरान शिकायत पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी को बार-बार नोटिस और समन भेजे गए, लेकिन वह लगातार अनुपस्थित रहा। साथ ही मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर आरोप साबित होने की बात कही गई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आरोपी महेश सीधनिया को दोषी ठहराया और एक वर्ष की सजा सुनाई। इसके अलावा अदालत ने चेक की राशि शिकायतकर्ता को मुआवजे के रूप में भुगतान करने का आदेश भी दिया।
फैसले के समय आरोपी अदालत में उपस्थित नहीं था, जिसके चलते अदालत ने उसके खिलाफ सजा वारंट जारी करते हुए पुलिस आयुक्त, सूरत को आदेश की तामील कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत के इस फैसले को व्यापारिक मामलों में एक उदाहरणात्मक कार्रवाई माना जा रहा है।



