महावीर के सिद्धांत आज भी आधुनिक जीवन के लिए प्रासंगिक : साध्वी मंजुलयशा

सूरत। महावीर जयंती के पावन अवसर पर साध्वी मंजुलयशा ने “महावीर के सिद्धांत और आधुनिक युग” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि भगवान महावीर के उपदेश आज भी आधुनिक जीवन के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया हिंसा, क्रोध, अहंकार और परिग्रह की दौड़ में उलझी हुई है, जबकि भगवान महावीर ने सदियों पहले अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांत का संदेश देकर मानवता को शांति और संतुलन का मार्ग दिखाया था।
साध्वी मंजुलयशा ने बताया कि आज दुनिया वेगन, मिनिमलिज्म, एंगर मैनेजमेंट और साइलेंस रिट्रीट जैसी अवधारणाओं को अपना रही है, जबकि इन सभी का मूल स्वरूप भगवान महावीर के जीवन और दर्शन में पहले से मौजूद है। उन्होंने कहा कि अहिंसा से शांति, अपरिग्रह से समानता और अनेकांत से वैचारिक मतभेदों का समाधान संभव है।
उन्होंने यह भी बताया कि भगवान महावीर ने साढ़े बारह वर्षों की कठोर साधना, मौन और तपस्या के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार का मार्ग दिखाया तथा नारी सम्मान और समानता का संदेश भी दिया। उनके सिद्धांत आज परिवार, समाज और विश्व स्तर पर बढ़ते मतभेदों को दूर करने में मार्गदर्शक बन सकते हैं।
साध्वी मंजुलयशा ने महावीर जयंती के अवसर पर सभी से अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांत को जीवन में अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि इन सिद्धांतों को जीवन में उतारा जाए तो व्यक्ति स्वयं के साथ समाज को भी सुखी और समृद्ध बना सकता है।


