सेवा, समर्पण और संस्कार का संगम: जैनम द्वारा शेड समर्पण समारोह गरिमापूर्वक सम्पन्न

सूरत। भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर जैन नवयुवक मंडल (जैनम), सूरत द्वारा श्री लोकसेवा मंदबुद्धि आश्रम में निर्मित शेड (डोम) का सेवा समर्पण समारोह श्रद्धा, उत्साह एवं सेवा भावना के वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम समाज सेवा, करुणा और मानवीय संवेदनाओं का प्रेरक उदाहरण बना।
समारोह का शुभारंभ जैनम अध्यक्ष निलेश चोरड़िया के स्वागत उद्बोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने उपस्थित अतिथियों, समाजबंधुओं एवं जैनम परिवार के सदस्यों का हार्दिक अभिनंदन किया। इसके पश्चात विपुल छाजेड़ द्वारा नमस्कार महामंत्र का संगान कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की गई। कार्यक्रम में सिवांची मालानी समाज की सर्वोच्च संस्था राजस्थान जैन सेवा समिति, सूरत के अध्यक्ष अशोक श्रीश्रीमाल की गरिमामयी उपस्थिति विशेष आकर्षण रही।

इस अवसर पर अशोक श्रीश्रीमाल, राणमल छाजेड़, अरविंद बागरेचा एवं नरेश संघवी ने अपने प्रेरक विचार व्यक्त करते हुए सेवा, करुणा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का मूल आधार बताया तथा समाज को सेवा कार्यों में निरंतर आगे आने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान सभी लाभार्थी परिवारों का तिलक, माला एवं डायरी भेंट कर सम्मानपूर्वक बहुमान किया गया। संयोजक गजेंद्र भंसाली ने जानकारी देते हुए बताया कि जैनम परिवार द्वारा निर्मित यह शेड आश्रम में निवासरत मंदबुद्धि भाई-बहनों के लिए सुरक्षा, सुविधा एवं संरक्षण का महत्वपूर्ण साधन सिद्ध होगा।
सह संयोजक संदीप छाजेड़ ने कहा कि बड़ी संख्या में जैनम सदस्यों एवं समाजजनों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावी संचालन मंत्री अरुण कानूंगा ने किया।
समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जैन नवयुवक मंडल सेवा, समर्पण और सामाजिक संवेदना के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी भूमिका निभाते हुए समाजहित के कार्यों को नई दिशा प्रदान कर रहा है।



