businessTextileक्राइमसूरत सिटी

वराछा में 57 लाख के कपड़ा धोखाधड़ी मामले में महिला को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत

सूरत। गुजरात हाईकोर्ट ने वराछा क्षेत्र के 57 लाख रुपये के कपड़ा धोखाधड़ी मामले में आरोपी महिला को अग्रिम जमानत प्रदान की है। अदालत ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि यदि व्यवसाय का संचालन पति कर रहा हो तो केवल प्रोपराइटर होने के आधार पर पत्नी को जेल नहीं भेजा जा सकता।
मामले के अनुसार सहजानंद हाइट्स, योगी चौक, वराछा निवासी विनु गिरधनभाई वासाणी और उनकी पत्नी शारदाबेन वासाणी के खिलाफ महिधरपुरा पुलिस स्टेशन में करीब एक वर्ष पूर्व शिकायत दर्ज कराई गई थी। उधना के दागीना नगर निवासी कपड़ा व्यापारी किशन देवराज पटेल ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने 57 लाख रुपये मूल्य का कपड़ा खरीदकर उसका भुगतान नहीं किया और धोखाधड़ी की।
जांच में सामने आया कि व्यवसाय का पूरा संचालन पति विनु वासाणी द्वारा किया जा रहा था, जबकि फर्म में पत्नी शारदाबेन प्रोपराइटर थीं। गिरफ्तारी से बचने के लिए शारदाबेन ने अपने अधिवक्ताओं अश्विन जे. जोगडिया और राजेन जाधव के माध्यम से गुजरात हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी महिला केवल नाममात्र की प्रोपराइटर हैं और व्यवसाय से जुड़े सभी निर्णय व लेन-देन उनके पति द्वारा किए जाते थे, इसलिए केवल प्रोपराइटर होने के आधार पर उन्हें आपराधिक रूप से जिम्मेदार ठहराकर जेल भेजना उचित नहीं है।
अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए शर्तों के अधीन शारदाबेन वासाणी को अग्रिम जमानत मंजूर कर ली।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button