उपाध्याय मनितप्रभसागर का बाड़मेर नगर में हुआ मंगल प्रवेश खरतरगच्छ संघ चातुर्मास कमेटी ने सामैया के साथ किया स्वागत
बाड़मेर वासी साधु-साध्वी सेवा, प्रभु भक्ति, वैयावच्च में साधुवाद के पात्र है-उपाध्याय मनितप्रभसागर
बाड़मेर -खरतरगच्छ की राजधानी बाड़मेर में उपाध्याय श्री मनितप्रभसागरजी म.सा. आदि ठाणा का उपाध्याय पदवी से अलंकृत होने के बाद श्री जैन श्वे.. खरतरगच्छ संघ चातुर्मास व्यवस्था कमेटी के तत्वावधान में बाडमेर नगर में रविवार को मंगल प्रवेश रविवार को प्रातः 08.30 बजे चोहटन चोराहे से जुलुस के साथ हुआ। श्री जैन श्वे. खरतरगच्छ संघ चातुमार्स व्यवस्था कमेटी के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश भंसाली व ट्रस्टी पवन छाजेड़ ठकोणी ने बताया कि खरतरगच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य विपुल साहित्यकार उपाध्याय मनितप्रभसागरजी म.सा. के उपाध्याय पदवी से अलंकृत होने के बाद प्रथम बार बाड़मेर पधारने पर श्री जैन श्वे. खरतरगच्छ संघ चातुर्मास कमेटी की अगुवाई में रविवार को प्रातः 08.30 बजे चोहटन चोराहे से ढोल-ढमाके के साथ मंगल प्रवेश हुआ, मंगल प्रवेश का जुलुस का रेन बसेरा से सामैया करवाया गया, इसके बाद ढोल-ढमाको व जयकारों के साथ मंगल प्रवेश का जुलुस शहर के मुख्य मार्गो से होता हुआ जेवीसी केयुप आराधना भवन पहुंचा, जहां पर धर्मसभा का आयोजन हुआ। धर्मसभा को सम्बोध्ाित करते हुए उपाध्याय प्रवर मनितप्रभसागरजी म.सा. ने कहा कि हमारा चातुर्मास सन 2018 में बाड़मेर नगर में ऐतिहासिक चातुर्मास सम्पन्न हुआ था, उसके बाद 08 वर्ष बाद वापस बाड़मेर आगमन हुआ, तब लगा बाड़मेर वासियों में प्रेम वात्साल्य, प्रभु भक्ति, वैयावच्च सेवा अनुमोदनीय है, बाड़मेर वासी साधुवाद के पात्र है। बाड़मेर पर्दापण के बाद जैसलमेर में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय चादर महोत्सव में सानिध्य प्रदान करेंगे




