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सूरत के 36 जैनालयों में जैनाचार्यश्री यशोवर्म सूरीजी की गच्छाधिपति पदवी के उपलक्ष्य में महापूजा

सूरत, पद के पीछे जो दौड़े वह राजसत्ता होती है, और जिसके पीछे पद स्वयं आए वह धर्मसत्ता कहलाती है। पुण्य और पात्रता देखकर ही किसी को पद पर आसीन किया जाता है। ऐसा ही एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर फाल्गुन सुद 5, रविवार, 22 फरवरी को वेसु स्थित गुरु लब्धि साम्राज्य (बलर फार्म हैप्पी एक्सीलेंसिया के सामने) में आयोजित होगा।
प्रवर समिति के कार्यवाहक गच्छाधिपति पूज्य आचार्य भगवंत श्री अभयदेव सूरीश्वरजी महाराज के वरद हस्त से, अनेक गच्छाधिपतियों, आचार्य भगवंतों तथा हजारों साधु-साध्वीजी भगवंतों की निश्रा में पूज्य लब्धि-विक्रम गुरुपदरत्न, हृदयस्पर्शी प्रवचनकार श्रद्धेय गुरुदेव पूज्य आचार्य श्री यशोवर्म सूरीश्वरजी महाराज को गच्छाधिपति पद पर आसीन किया जाएगा।
इस पावन अवसर के उपलक्ष्य में जैन भक्ति की श्रेष्ठ महापूजा का आयोजन सूरत के 36 जैनालयों में किया जा रहा है। इसमें प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों के तीन-तीन देरासरों में महापूजा आयोजित हो रही है। यह आयोजन पूज्य आचार्य श्री वीरयश सूरीजी, पूज्य आचार्य श्री अजितयश सूरीजी, पूज्य आचार्य श्री दर्शनयश सूरीजी, पूज्य आचार्य श्री भव्ययश सूरीजी, पूज्य आचार्य श्री हींकारयश सूरीजी, पूज्य आचार्य श्री संस्कारयश सूरीजी आदि की निश्रा में तथा पूज्य आचार्य श्री भाग्ययश सूरीजी की प्रेरणा से संपन्न हो रहा है।
‘गच्छाधिराजम् पदाभिषेक’ शीर्षक से आयोजित यह महापूजा एक विशेष आध्यात्मिक आयोजन के रूप में उभर रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। आज इशितापार्क, अक्षरज्योत और शत्रुंजय टावर के जैनालयों में महापूजा का आयोजन किया जाएगा।

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