रेरा की बिल्डरों पर सख्ती, ‘अटलांटा एलिजा’ परियोजना के डोमडिया बिल्डरों को फटकार
समयसीमा के बाद भी बीयूसी नहीं मिलने पर खरीदारों को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश

सूरत। रियल एस्टेट क्षेत्र में घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए गुजरात रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने एक बार फिर बिल्डरों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। भरथाणा-वेसू स्थित ‘अटलांटा एलिजा’ परियोजना में निर्धारित समय के भीतर फ्लैट का कब्जा नहीं देने और बिल्डिंग यूज सर्टिफिकेट (BUC) प्राप्त करने में विफल रहने पर रेरा ने डोमडिया बिल्डरों को फटकार लगाते हुए खरीदारों के पक्ष में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
मामले के अनुसार, परियोजना में फ्लैट खरीदने वाले अनिका देसाई और आकाश देसाई ने बिल्डर हिरेन डोमडिया, केतन डोमडिया और रमेश मिठाभाई डोमडिया के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने बैंक ऋण लेकर फ्लैट खरीदा था। परियोजना पूरी कर फ्लैट का कब्जा देने की अंतिम तिथि 30 जून 2023 निर्धारित थी, लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी बिल्डर बीयूसी प्राप्त नहीं कर सके, जिसके कारण खरीदारों को फ्लैट का कब्जा नहीं मिल पाया।
खरीदारों ने रेरा को बताया कि वे एक ओर बैंक की ईएमआई और ब्याज का भुगतान कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर उन्हें अपने फ्लैट का लाभ भी नहीं मिल रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान रेरा ने माना कि परियोजना को समय पर पूरा न करना और आवश्यक वैधानिक मंजूरियां प्राप्त न करना ग्राहकों के अधिकारों का उल्लंघन है।
रेरा ने अपने आदेश में कहा है कि जब तक बिल्डर सक्षम प्राधिकारी से वैध बिल्डिंग यूज सर्टिफिकेट प्राप्त कर फ्लैट का वास्तविक कब्जा खरीदारों को नहीं सौंपते, तब तक पूरे विलंब काल के लिए खरीदारों को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान करना होगा। साथ ही बिल्डरों को जल्द से जल्द बीयूसी प्राप्त कर परियोजना को नियमानुसार पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह आदेश रियल एस्टेट क्षेत्र में खरीदारों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।




