
सूरत। शहर के कपड़ा व्यापार जगत की अग्रणी संस्था आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत ट्रस्ट पिछले 65 वर्षों से व्यापारियों के हितों की रक्षा, व्यापारिक विवादों के समाधान और उद्योग के विकास के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत है। वर्ष 2023 में संस्था का पंजीकरण आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत ट्रस्ट के नाम से हुआ। संस्था के अंतिम अध्यक्ष रहे प्रहलाद कुमार अग्रवाल ही ट्रस्ट के प्रथम अध्यक्ष बने और उनके नेतृत्व में संगठन ने नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है।
वर्तमान में एसोसिएशन से 450 से अधिक व्यापारी सदस्य जुड़े हुए हैं। संस्था व्यापारियों की समस्याओं के समाधान, प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने तथा बाजारों में सुरक्षित एवं सकारात्मक व्यापारिक वातावरण बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसके साथ ही व्यापारियों को कानूनी, प्रशासनिक और व्यवसायिक विषयों पर समय-समय पर मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाता है।
एसोसिएशन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मजबूत विवाद निपटान प्रणाली है। संस्था में आर्बिट्रेशन एक्ट लागू है और इसके अंतर्गत अब तक लगभग 1000 करोड़ रुपये से अधिक के मामलों में निर्णय दिए जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि इन निर्णयों को न्यायालयों द्वारा शत-प्रतिशत लागू किया गया, जिससे व्यापारियों का संस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है।
व्यापारिक जागरूकता और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संस्था नियमित रूप से सेमिनार, कार्यशालाओं और सम्मान समारोहों का आयोजन करती है। इसी क्रम में वर्ष 2025 में आयोजित “बिजनेस आइकॉन अवॉर्ड्स” कार्यक्रम विशेष रूप से चर्चा का विषय रहा, जिसमें देश के 14 राज्यों से प्रतिष्ठित व्यापारियों और उद्योगपतियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सफल उद्यमियों और व्यापारियों को सम्मानित किया गया।
संस्था के अध्यक्ष प्रहलाद कुमार अग्रवाल का कहना है कि संगठन का मूल उद्देश्य व्यापारियों के हितों की रक्षा करना, उन्हें न्याय दिलाना, व्यवसाय को प्रोत्साहन देना तथा बाजारों में सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी व्यापारिक समुदाय के विकास और सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।
आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन की एक और विशिष्ट पहचान व्यापारिक अनुशासन बनाए रखने की है। संभवतः देश की यह एकमात्र ऐसी संस्था है जो व्यापारिक धोखाधड़ी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करती है। अब तक सूरत के बाहर के लगभग 150 धोखेबाज व्यापारियों को संस्था द्वारा प्रतिबंधित किया जा चुका है। जिन व्यापारियों ने बाद में अपने बकाया भुगतान का निपटारा कर दिया, उन्हें आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद एनओसी जारी कर प्रतिबंध से मुक्त भी किया गया।
सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सूरत शहर में आयोजित होने वाले दशहरा महोत्सव और रामलीला कार्यक्रमों का आयोजन वर्षों से इसी संस्था के सौजन्य से किया जाता रहा है। संस्था के सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों में बोर्ड सदस्यों का सक्रिय योगदान रहता है, जो इसे व्यापारिक संगठन के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़ी एक प्रतिष्ठित संस्था भी बनाता है।
आज आढ़तिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत ट्रस्ट केवल एक व्यापारिक संगठन नहीं, बल्कि व्यापारियों के विश्वास, न्याय, एकता और विकास का सशक्त मंच बनकर उभरा है।



