
सूरत। टेक्सटाइल व्यापारिक लेनदेन के दौरान दिया गया चेक बाउंस होने के मामले में अदालत ने महिला व्यापारी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष की साधारण कारावास की सजा सुनाई है तथा चेक की राशि के बराबर 3,48,537 रुपये शिकायतकर्ता को मुआवजे के रूप में भुगतान करने का आदेश दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ‘रामकृष्ण टेक्सटाइल्स’ के भागीदार निलेशभाई मनसुखभाई मुंगलपरा ने ‘रिद्धि ट्रेंड्ज’ की प्रोपराइटर जिज्ञा भूपेश शाह के विरुद्ध न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि व्यापारिक व्यवहार के दौरान आरोपी ने शिकायतकर्ता से ग्रे कपड़े की खरीदारी की थी और भुगतान के रूप में दी सर्वोदया सहकारी बैंक लिमिटेड के दो चेक दिए थे, जिनकी कुल राशि 3,48,537 रुपये थी।
बैंक में प्रस्तुत करने पर दोनों चेक अपर्याप्त शेष (इंसफिशिएंट फंड) के कारण अनादरित हो गए। मामले की सुनवाई के दौरान शिकायत पक्ष की ओर से अधिवक्ता रमेश वी. सानेपरा ने प्रभावी दलीलें प्रस्तुत कर आरोप सिद्ध किया। अदालत ने अपने निर्णय में उल्लेख किया कि आरोपी अपने बचाव में कोई मौखिक अथवा दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। साथ ही यह भी माना गया कि चेक पर हस्ताक्षर स्वीकार होने की स्थिति में उसे वैध देनदारी के भुगतान हेतु जारी किया गया माना जाता है।
न्यायालय ने आरोपी को एक वर्ष की साधारण कैद की सजा सुनाते हुए आदेश दिया कि 3,48,537 रुपये की राशि निर्णय घोषित होने के 30 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को अदा की जाए।




