सूरत में ‘स्वर्ण मंगलम’ का भव्य शंखनाद, स्वर्ण जयंती वर्ष में महिलाओं की शक्ति और उपलब्धियों का उत्सव
700 से अधिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुई संगठन की ऐतिहासिक उपलब्धि

सूरत। अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन के तत्वावधान में आयोजित ‘स्वर्ण मंगलम’ (दशम राष्ट्रीय कार्यसमिति एवं चतुर्थ राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक) का भव्य शुभारंभ रविवार को सूरत में हुआ। गुजरात प्रांतीय माहेश्वरी महिला संगठन एवं सूरत जिला माहेश्वरी महिला संगठन के संयुक्त आतिथ्य में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में नेपाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से 500 से अधिक महिला प्रतिनिधियों तथा शहर के गणमान्य नागरिकों सहित लगभग 700 लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ ‘वंदे मातरम’ की ओजस्वी धुन पर नन्हे बच्चों के बैंड की शानदार अगवानी से हुआ। इसके बाद मुख्य अतिथि डॉ. माया माहेश्वरी (प्रिंसिपल कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स, मुंबई) ने दीप प्रज्वलन कर ‘स्वर्ण मंगलम’ का औपचारिक शंखनाद किया। इस दौरान संगठन की शक्तिवंदनम भावना को प्रदर्शित करते हुए राष्ट्रीय गौरव की अनुभूतियां साझा की गईं।

मंच पर अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के सभापति संदीप काबरा, राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू बांगड़, उद्योगपति नरेंद्र साबू और रामरतन भूतड़ा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष आशा माहेश्वरी, स्वागत अध्यक्ष विमला साबू एवं राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति राठी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति राठी द्वारा प्रस्तुत पीपीटी प्रेजेंटेशन रहा, जिसमें संगठन की स्वर्णिम यात्रा और उपलब्धियों का सजीव प्रस्तुतीकरण किया गया। इस दौरान संगठन के ऐतिहासिक कार्यों को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज किए जाने की घोषणा भी की गई, जिसे समाज के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत ‘शक्ति वंदनम’ सत्र में समाज की प्रतिभावान महिलाओं को सम्मानित किया गया। प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए आईपीएस वेदिका बिहानी, सैन्य सेवा के लिए आरुषि बाहेती, महिला उद्यमिता के क्षेत्र में ईशा झंवर, शिप्रा राठी तथा विजया माहेश्वरी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
समारोह का प्रभावशाली संचालन श्वेता आनंद जाजू ने किया, जिनकी ऊर्जावान प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को जीवंत बनाए रखा।

इस भव्य आयोजन ने यह संदेश दिया कि संगठित और सशक्त मातृशक्ति समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए नए आयाम स्थापित कर सकती है।



