हवाला कांड का पर्दाफाश, सूरत में बड़ा नेटवर्क बेनकाब
पूर्व मंत्री के निजी सहायकों पर आरोप, 5 महीनों में डेढ़ करोड़ रुपये सूरत पहुंचे

सूरत। शहर में स्थानीय स्वराज चुनाव नजदीक आते ही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली से संचालित हवाला नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। उमरा पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने इस मामले में अहम खुलासा किया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि दिल्ली सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन के पूर्व निजी सहायक आकाश मिश्रा और अजय तिवारी सूरत में इस हवाला नेटवर्क को संभाल रहे थे।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि पिछले करीब पांच महीनों में दिल्ली से सूरत में 1.50 करोड़ रुपये से अधिक की रकम हवाला के जरिए भेजी गई थी। यह रकम महिधरपुरा स्थित एक आंगड़िया पेढ़ी के माध्यम से सूरत पहुंचाई जाती थी, जिसे आकाश मिश्रा और अजय तिवारी रिसीव करते थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आगामी 26 अप्रैल को होने वाले स्थानीय चुनाव को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धन के इस्तेमाल की आशंका के चलते पुलिस और खुफिया एजेंसियां पहले से सतर्क थीं।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि दिल्ली के जनकपुरी निवासी पनीर व्यापारी हिमांशु पाहुजा इस पूरे हवाला नेटवर्क का मुख्य संचालक है। वह दिल्ली से आंगड़िया के जरिए पैसे सूरत भेजता था, जहां पीपलोद क्षेत्र में रह रहे आकाश मिश्रा और अजय तिवारी इसे प्राप्त करते थे।
प्राथमिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि दोनों सूरत में आम आदमी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को संभालने का काम कर रहे थे। इस हवाला रैकेट में 8 से 10 अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनसे जल्द पूछताछ की जाएगी।
फिलहाल इस मामले की जानकारी आयकर विभाग को दे दी गई है और आगे की जांच आयकर विभाग द्वारा की जाएगी।


