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कपड़ा उद्योग की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिजली कनेक्शन के फिक्स चार्ज में राहत की मांग

गैस आपूर्ति की कमी और कारीगरों के पलायन से जूझ रहे उद्योग को राहत देने की अपेक्षा

सूरत। ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच उत्पन्न युद्ध जैसी वैश्विक परिस्थितियों के कारण सूरत के टेक्सटाइल उद्योग पर गंभीर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। वर्तमान हालात को ध्यान में रखते हुए सचिन इंडस्ट्रियल को-ऑपरेटिव सोसायटी के सदस्य महेंद्र रामोलिया ने राज्य सरकार से एल.टी. तथा एच.टी. बिजली कनेक्शनों के फिक्स चार्ज में 50 प्रतिशत राहत देने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार सूरत तथा आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित टेक्सटाइल इकाइयाँ इन दिनों कच्चे माल की कमी और गैस सप्लाई में आ रहे व्यवधान के कारण भारी कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का सीधा असर उद्योग पर दिखाई दे रहा है, जिसके चलते कारीगरों की उपलब्धता में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। श्रमिकों के पलायन से उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है और मिलें आंशिक क्षमता पर संचालित हो रही हैं।
उद्योगकारों का कहना है कि उत्पादन घटने के बावजूद बिजली के फिक्स खर्च सहित अन्य स्थायी व्यय यथावत बने हुए हैं, जिससे आर्थिक भार लगातार बढ़ता जा रहा है। इस परिस्थिति में उद्योग को राहत देने हेतु महेंद्र रामोलिया द्वारा राज्य सरकार एवं डीजीवीसीएल को लिखित प्रस्तुति देकर फिक्स चार्ज में तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार उक्त प्रस्तुति की प्रति मुख्यमंत्री तथा ऊर्जा मंत्री कनु देसाई को भी भेजी गई है, ताकि सरकार त्वरित हस्तक्षेप कर सूरत के टेक्सटाइल उद्योग को आर्थिक सहारा प्रदान कर सके और उद्योग में उत्पन्न संकट को कम किया जा सके।

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