चलथान में योगक्षेम अणुव्रत संगठन यात्रा एवं व्याख्यान माला का आयोजन
अणुव्रत मानव मात्र को संयम की ओर प्रेरित करता है-मुनि मदनकुमार

राष्ट्र निर्माण में अणुव्रत की सहभागिता पर हुआ मंथन
सूरत। शनिवार को चलथान स्थित तेरापंथ भवन में अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के निर्देशन में योगक्षेम अणुव्रत संगठन यात्रा एवं व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “राष्ट्र निर्माण में अणुव्रत की सहभागिता” रहा। इस अवसर पर आचार्य महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि मदनकुमार जी स्वामी ने कहा कि अणुव्रत एक सुंदर और सार्वभौमिक विचार है, जो जैन-अजैन सभी के लिए समान रूप से उपयोगी है। अणुव्रत मानव मात्र को संयम की ओर प्रेरित करता है और आज देश-दुनिया में शांति की स्थापना के लिए इसकी अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संयम ही जीवन है, संयम के बिना शांति संभव नहीं और शांति के बिना संयम नहीं। उन्होंने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि अणुव्रत चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम है तथा आचार्य तुलसी द्वारा विश्व शांति के लिए अणुव्रत के प्रतिपादन को स्मरण कराया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विनोद कोठारी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में आनंद चौधरी (एआईसीसी राष्ट्रीय सचिव एवं सूरत जिला कांग्रेस अध्यक्ष) उपस्थित रहे और उन्होंने भी अपने विचार व्यक्त किए। अणुविभा के महामंत्री मनोज संघवी, संगठन मंत्री पायल चौरडिया तथा गुजरात राज्य प्रभारी संजय बोथरा की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके साथ ही विमल लोढ़ा, कमलेश गादिया, अनिल समदड़िया एवं रोशनलाल सुराना भी व्याख्यान माला में उपस्थित रहे।मुनि श्री के सानिध्य में अणुव्रत -2026 कैलेंडर का विमोचन हुआ।

कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का दुपट्टे से स्वागत किया गया। संगठन यात्रा में स्वागत भाषण कांता नौलखा तथा व्याख्यान माला में बाबू भाई नौलखा ने दिया। मंगलाचरण मीना जी नौलखा द्वारा किया गया और आभार ज्ञापन निशा नौलखा ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सुसंयोजित एवं प्रभावी संचालन ज्ञान दुगड़ ने किया। आयोजन अणुव्रत समिति, चलथान द्वारा किया गया, जिसमें तेरापंथ सभा चलथान, तेरापंथ महिला मंडल चलथान एवं तेरापंथ युवक परिषद चलथान का सहयोग रहा।मुनि श्री सोमवार को चलथान से विहार कर परवत पाटिया तेरापंथ भवन पधारेंगे।विहार के दौरान अंतरोली में अल्प विराम होगा



