जैन कॉन्फ्रेन्स मातृ संस्था है: आचार्य सम्राट डॉ. श्री शिवमुनि जी म.सा.
जैन कॉन्फ्रेन्स द्वारा आयोजित आचार्य श्री जी का 84वां प्रकाशोत्सव सम्पन्न

वीतराग साधिका निशाजी जैन को शिवाचार्य ध्यान साधना राष्ट्रीय सम्मान से किया सम्मानित
18 सितम्बर 2025, लब्धि पार्श्वनाथ तीर्थ धाम बलेश्वर, सूरत।श्री ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कोन्फ्रेंस, नई दिल्ली के तत्वावधान में ध्यान योगी आचार्य सम्राट डॉ. श्री शिवमुनि जी म.सा. का 18 सितम्बर 2025 को 84वें प्रकाशोत्सव का आयोजन लब्धि पार्श्वनाथ तीर्थ धाम में आयोजित हुआ। आचार्य श्री जी के 84वें प्रकाशोत्सव पर दर्शन के लिए गुजरात के अलावा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडू, जम्मू आदि अनेक राज्यों से हजारों श्रद्धालु उपस्थित हुए।
आचार्य सम्राट डॉ. श्री शिवमुनि जी म.सा. उपस्थित विशाल धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए मंगल उद्बोधन मेें फरमाया कि जैन कॉन्फ्रेन्स, श्रावक समिति, महिला शाखा, युवा शाखा जुड़कर जो कार्य कर रहे हैं वह अनुमोदनीय है। जैन कॉन्फ्रेन्स मातृ संस्था है जिसके द्वारा 3 घंटे की साधना भारत ही नहीं विश्व तक पहुंचाई जो एक रिकॉर्ड बना है। जैन कॉन्फ्रेन्स द्वारा पारस चैनल पर भी प्रतिदिन सुबह 5 बजे से 27 मिनिट तक प्रतिदिन ध्यान का प्रसारण किया जाता है जो अनुमोदनीय और कर्म निर्जरा का कार्य है। साथ ही उन्होंने प्राचीन पाण्डुलिपियों एवं श्रमण संघ अमृत महोत्सव कार्यक्रम भी जैन कॉन्फ्रेन्स द्वारा आयोजित करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने आगे फरमाया कि मैंने जन्म दिन मनाना छोड़ दिया जैन धर्म, जैन दर्शन आत्मा को महत्त्व देता है, साधना अमृत है जन्म दिवस व्यवहार से है। मैं 83 वर्ष से इस काया में निवास कर रहा हूं। आप सभी संकल्प करें कि हम कब तक इस संसार में भ्रमण करते रहेंगे समय संसार के लिए नहीं अपितु अपने निज जीव के लिए निकालें। जितना जिनका आयुष्य है उतने मिनट का ध्यान करें। शरीर से जब आत्मा निकल जाती है तो शरीर के पुद्गल का कोई मूल्य नहीं रहता है। इसलिए आत्म तत्व को जानते हुए आत्मा का ध्यान करें।
श्रमण संघीय प्रमुख मंत्री श्री शिरीष मुनि जी म.सा. ने वक्तव्य के माध्यम से श्रमण संघीय व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रेरणा दी।

युवामनीषी श्री शुभम मुनि जी म.सा. ने ‘‘रूत आज की प्यारी’’ सुमधुर भजन की प्रस्तुति दी।
प्रवचन प्रभाकर श्री शमित मुनि जी म.सा. ने भी वक्तव्य दिया।
कॉन्फ्रेन्स के राष्ट्रीय चयेरमैन श्री विजय जैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अतुल जैन, राष्ट्रीय समन्वयक श्री सुरेश लुणावत द्वारा ‘शिवाचार्य ध्यान साधना राष्ट्रीय सम्मान 2025’ दो लाख इकावन हजार की राशि का चेक, स्मृति चिन्ह, सीमंधर स्वामी भगवान की फोटो, शॉल वीतराग साधिका निशाजी जैन को देकर सम्मानित किया, इसके साथ ही संगठन, दान, स्वाध्याय, तप, सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले श्री सुभाष ओसवाल, श्री बाबूलाल रांका, श्रीमती पुष्पा गोखरू, श्रीमती सरिता कूकड़ा, श्री देवेन्द्र पारख को ‘कॉन्फ्रेन्स राष्ट्रीय सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

श्री ऑल इण्डिया श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेन्स की राष्ट्रीय महिला शाखा द्वारा देशभर में 84वें प्रकाशोत्सव पर 84 हजार एकासन का लक्ष्य निर्धारित किया जो 84 हजार को पार कर 92 हजार से अधिक एकासन आयम्बिल किये गये।
श्री ऑल इण्डिया श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेन्स की राष्ट्रीय युवा शाखा द्वारा 18 से 28 सितम्बर 2025 तक भारत के 84 कारागारों में फल वितरण एवं धार्मिक सामाजिक बोध की पाठ्यसामग्री वितरण चल रहा है।
इस अवसर पर आचार्य भगवन के सान्निध्य में श्रीअनुयोग द्वारा सूत्रम्, एवं अंग्रेजी साहित्य दी डॉक्टरीन ऑफ लाईबेरेशन इन इण्डियन रिलिजिनय आदि साहित्यों का विमोचन किया गया।

वीतराग साधिका निशाजी जैन ने कॉन्फ्रेन्स द्वारा प्राप्त सम्मान राशि का उपयोग आचार्य भगवन के ध्यान, साधना के मिशन में समर्पित करने की चर्चा करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त की।
सफल आयोजन हेतु श्री शिवाचार्य जन्मोत्सव राष्ट्रीय आयोजन समिति के श्री रविन्द्रनाथ जैन, श्री सुभाष ओेसवाल, श्री रमेश भण्डारी, श्री जसवंत जैन, डॉ. अमितराय जैन, श्री शशिकुमार (पिन्टू) कर्णावट जैन, श्री जयंतीलाल कूकड़ा, श्री विपुल जैन, श्री संतोष जैन, श्री आकाश मादरेचा आदि का विशेष सहयोग रहा।कार्यक्रम का संचालन कॉन्फ्रेन्स के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अमितराय जैन ने किया।




