
सूरत। मगोब स्थित रघुवीर ट्रेड सेंटर में ली-लन फैब्रिक सहित तीन कपड़ा व्यापारियों से 4.53 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सारोली पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। महिधरपुरा स्थित वीरा टेक्सटाइल एजेंसी के दो दलालों के माध्यम से सूरत और अहमदाबाद के महिला सहित कुल 20 व्यापारियों को फैब्रिक कपड़ा माल भेजा गया था। आरोप है कि माल प्राप्त करने के बाद व्यापारियों ने उसका बकाया भुगतान नहीं किया और कुल 4,53,49,541 रुपये की रकम की धोखाधड़ी की गई।
सारोली पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुणा-कुंभारिया रोड स्थित इंटरसिटी टाउनशिप में रहने वाले चिराग मगनभाई चौधरी मगोब स्थित रघुवीर ट्रेड सेंटर में ली-लन फैब्रिक के नाम से प्रिंटेड फैब्रिक कपड़े का कारोबार करते हैं। महिधरपुरा के फालसावाड़ी स्थित गोल्डन प्वाइंट में वीरा टेक्सटाइल एजेंसी चलाने वाले कपड़ा दलाल रोहित तेलपुरीया और विशाल गांधी के माध्यम से 27 दिसंबर 2024 से 11 अगस्त 2025 के दौरान सूरत और अहमदाबाद के महिला सहित 20 व्यापारियों को फैब्रिक कपड़े का माल दिलवाया गया था।
शिकायत के अनुसार, व्यापारियों ने माल प्राप्त करने के बाद निर्धारित समय पर भुगतान करने का भरोसा दिया था, लेकिन बाद में बकाया रकम का भुगतान नहीं किया गया। सभी व्यापारियों की ओर से कुल 4 करोड़ 53 लाख 49 हजार 541 रुपये की रकम बकाया रह गई। बार-बार भुगतान की मांग के बावजूद रकम नहीं चुकाए जाने पर तीनों व्यापारियों की ओर से चिराग चौधरी ने 21 मार्च 2026 को सारोली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर दलालों और व्यापारियों सहित कुल 22 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5), 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया था। मामले की जांच आर्थिक अपराध निवारण शाखा द्वारा भी की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस ने इससे पहले अहमदाबाद के व्यापारी जयदीप जगदीशभाई सोनी, कपड़ा दलाल विशाल कनैयालाल गांधी, अमितकुमार रमेशचंद्र जैन, मेहुल प्रवीणभाई जागाणी तथा दलाल रोहितभाई चंदनमलजी तेलपुरीया को गिरफ्तार किया था।
इसी मामले में पुलिस ने अब कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए हिरनभाई रमेशभाई पोपट उर्फ ठक्कर (42) को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी मुंबई के दहिसर ईस्ट स्थित रावलपाड़ा क्षेत्र में रहता है और मूल रूप से जामनगर जिले के जामजोधपुर तालुका के वासजालिया गांव का रहने वाला बताया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका, कपड़ा माल की आपूर्ति, भुगतान की प्रक्रिया तथा 4.53 करोड़ रुपये की बकाया रकम से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस की आगे की जांच में इस कथित धोखाधड़ी में शामिल अन्य लोगों के नाम और उनकी भूमिका सामने आने की संभावना है।




