
सूरत। ओलपाड में फैक्ट्री चलाकर ग्रे कपड़े का उत्पादन करने वाले कतारगाम के एक वीवर से 22.60 लाख रुपये के कपड़े का माल मंगवाकर भुगतान नहीं करने और दुकान बंद कर उठमणा करने के मामले में सारोली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए व्यापारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी व्यापारी ने कपड़ा दलाल के माध्यम से वीवर की दो फर्मों से लाखों रुपये का ग्रे कपड़ा मंगवाया था। आरोप है कि माल प्राप्त करने के बाद भुगतान किए बिना उसने अपनी दुकान बंद कर दी और फरार हो गया।
सारोली पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कतारगाम वेड रोड स्थित एलिफेंटा हाइट्स के पास रोस्को बिल्डिंग में रहने वाले पार्थभाई मुकेशभाई मांगुकिया ओलपाड तालुका के देलाडवा गांव में मारुति टेक्स और श्री कपि टेक्सटाइल नाम से फर्म चलाते हैं। इन दोनों फर्मों के माध्यम से वे ग्रे कपड़े का उत्पादन कर उसका व्यापार करते हैं।
पुलिस शिकायत के अनुसार, सारोली स्थित राधारमण टेक्सटाइल मार्केट (आर.आर.टी.एम.-1) की दुकान नंबर 534 में गीता फैशन के नाम से कारोबार करने वाले व्यापारी समीर पॉल ने कपड़ा दलाल योगेश कांतिभाई वसोया के माध्यम से पार्थभाई की दोनों फर्मों से 14 फरवरी 2026 से 15 अप्रैल 2026 के दौरान कुल 22,60,328 रुपये कीमत का ग्रे कपड़ा मंगवाया था।
शिकायत के मुताबिक, कपड़ा प्राप्त करने के बाद व्यापारी की ओर से तय समय पर भुगतान नहीं किया गया। वीवर द्वारा बकाया रकम की मांग किए जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद आरोप है कि व्यापारी ने अपनी दुकान बंद कर दी और बकाया रकम का भुगतान किए बिना उठमणा कर लिया। इससे वीवर को 22.60 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान होने का आरोप लगाया गया है।
इस मामले में पार्थभाई मांगुकिया ने 4 अगस्त 2026 को सारोली पुलिस थाने में व्यापारी समीर पॉल तथा कपड़ा दलाल योगेश वसोया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) और 54 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
शिकायत की जांच के दौरान पुलिस उपनिरीक्षक यू.बी. मेदपरा ने कार्रवाई करते हुए आरोपी व्यापारी सुमीरकुमार भूतनाथ पॉल (56) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सूरत के अडाजण क्षेत्र में एल.पी. सवाणी स्कूल के पास स्थित मुंडेश्वरी कॉम्प्लेक्स में रहता है, जबकि उसका मूल निवास झारखंड के रांची जिले में बताया गया है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही मामले में कपड़ा दलाल की भूमिका सहित माल की खरीदी, भुगतान और दुकान बंद किए जाने से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस की आगे की जांच में इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका और बकाया रकम से संबंधित जानकारी सामने आने की संभावना है।



