
सूरत। वित्त वर्ष 2025-26 के आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 में अब केवल 3 दिन शेष रह गए हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में करदाताओं ने अभी तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है। हर वर्ष की तरह इस बार भी अधिकांश करदाता अंतिम समय तक इंतजार कर रहे हैं, जिससे चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) और टैक्स कंसल्टेंट्स पर कार्यभार लगातार बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में रिटर्न दाखिल होने के कारण आयकर विभाग के पोर्टल पर अत्यधिक दबाव बढ़ जाता है। इससे पोर्टल की गति धीमी हो सकती है और कई बार तकनीकी समस्याएं भी सामने आती हैं, जिसके कारण करदाताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस वर्ष स्थिति इसलिए भी अधिक चुनौतीपूर्ण है क्योंकि टीसीएस (Tax Collected at Source) की प्रथम तिमाही (First Quarter) रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि भी 31 जुलाई 2026 ही है। दोनों महत्वपूर्ण अनुपालनों की अंतिम तिथि एक ही दिन होने से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स प्रोफेशनल्स पर काम का दबाव कई गुना बढ़ गया है।
कर विशेषज्ञ नारायण शर्मा ने सभी करदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर दें। समय पर रिटर्न दाखिल करने से पोर्टल पर बढ़ते लोड, संभावित तकनीकी दिक्कतों और अंतिम समय की भागदौड़ से बचा जा सकता है। साथ ही समय पर रिटर्न दाखिल करने से अनावश्यक विलंब और संभावित असुविधाओं से भी राहत मिलेगी।



