
मुंबई/जयपुर। महाराष्ट्र के वस्त्र उद्योग पर गहराते संकट को देखते हुए राज्य के वस्त्र उद्योग मंत्री संजय सुशीला वामन सावकारे ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर पाली, बालोतरा और जोधपुर की बंद पड़ी टेक्सटाइल प्रोसेसिंग इकाइयों को जल्द पुनः शुरू कराने का आग्रह किया है। मंत्री ने कहा कि राजस्थान में पर्यावरण संबंधी कड़े नियमों के कारण कई प्रोसेसिंग यूनिट बंद होने से महाराष्ट्र के पावरलूम और सूत उद्योग पर गंभीर असर पड़ा है।
पत्र में बताया गया है कि महाराष्ट्र में तैयार होने वाला ग्रे कपड़ा प्रोसेसिंग के लिए बड़े पैमाने पर राजस्थान भेजा जाता है। लेकिन प्रोसेसिंग इकाइयों के बंद होने से ग्रे कपड़े की मांग और कीमत दोनों प्रभावित हुई हैं। इसका सीधा असर भिवंडी, मालेगांव, इचलकरंजी, वीटा, सोलापुर और नागपुर जैसे प्रमुख पावरलूम केंद्रों पर पड़ा है, जहां बड़ी संख्या में पावरलूम बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
मंत्री ने कहा कि उत्पादन घटने से सूत की मांग भी कम हो गई है, जिससे सूत मिलें आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं। इसका प्रभाव कपड़ा निर्माताओं, व्यापारियों, परिवहन व्यवसाय, श्रमिकों और वस्त्र उद्योग से जुड़े पूरे आपूर्ति तंत्र पर पड़ा है। उन्होंने महाराष्ट्र राज्य सहकारी वस्त्रोद्योग महासंघ द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को भेजते हुए वस्त्र उद्योग को राहत देने के लिए सकारात्मक और त्वरित निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
इस पत्र की प्रति राजस्थान सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ को भी प्रेषित की गई है।



