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आपातकाल लोकतंत्र पर काला अध्याय था: गोरधनभाई झड़फिया

भाजपा ने आपातकाल की 50वीं बरसी पर मीसाबंदियों का किया सम्मान, लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को किया याद

सूरत। भारतीय जनता पार्टी, सूरत महानगर द्वारा आपातकाल की 50वीं बरसी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मीसाबंदियों का सम्मान किया गया और लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके संघर्ष को नमन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा शहर अध्यक्ष परेशभाई पटेल के स्वागत भाषण से हुई, जबकि सूरत के सांसद मुकेशभाई दलाल ने प्रासंगिक उद्बोधन दिया।

इस अवसर पर आपातकाल के दौरान मीसा के तहत बंदी रहे फकीरभाई छोटुभाई चौहान, गोविंदजी बजाज, सतीश रतनजी सेजपाल, ललितजी बंसल, गिरधारीलाल तापड़िया, विनोदजी मित्तल, कैलाशजी शर्मा, रामअवतारजी गोदुका, शरद कांदावाला और नरेंद्रभाई हरिकिशनदास पशरिया सहित अन्य लोकतंत्र सेनानियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भाजपा गुजरात प्रदेश के पूर्व उपाध्यक्ष गोरधनभाई झड़फिया ने कहा कि 25 जून 1975 की मध्यरात्रि को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर काले धब्बे के समान था। उन्होंने कहा कि उस दौर में देशभर के समाचार पत्रों की बिजली काट दी गई, राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों समेत 1.40 लाख से अधिक लोगों को मीसा के तहत गिरफ्तार किया गया तथा जेलों में क्षमता से कई गुना अधिक बंदियों को ठूंसकर रखा गया। उन्होंने बताया कि गुजरात में भी उस समय 3500 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। झड़फिया ने कार्यकर्ताओं से आपातकाल के संघर्ष को समझने के लिए “संघर्ष मा गुजरात” पुस्तक पढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अंजूबेन वेकरिया, महापौर मायाबेन मावाणी, विधायकगण, पूर्व विधायक, कॉरपोरेटर, पूर्व कॉरपोरेटर तथा पार्टी के कई पदाधिकारी और गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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