स्व. विक्रम सिंह शेखावत की स्मृति में आठवें प्याऊ व वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का लोकार्पण

सूरत। राजस्थान युवा संघ, सूरत के सौजन्य से तथा साकेत ग्रुप और चाय पे चर्चा चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से गोडादरा स्थित एसएमसी गार्डन में स्वर्गीय विक्रम सिंह शेखावत की स्मृति में स्थापित आठवें प्याऊ एवं वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का लोकार्पण समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
प्याऊ का लोकार्पण स्व. विक्रम सिंह शेखावत के छोटे भाई प्रदीप शेखावत और उनके सुपुत्र कुशाग्र शेखावत ने किया। समारोह में सूरत कलेक्टर तेजस परमार, पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत, विधायक संगीता बेन पाटिल, सांवर प्रसाद बुधिया, कैलाश हाकिम, परमेश्वर राजपूत, रतन भालावट, दिनेश कटारिया, संजय बोथरा, सुभाष डावर, पार्षद दिनेश राजपुरोहित, पूर्व डिप्टी मेयर नरेंद्र पाटिल, तोलाराम सारस्वत एवं लालचंद सारस्वत सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निर्मित वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का भी उद्घाटन किया गया। अतिथियों ने इसे समय की आवश्यकता बताते हुए सराहना की और कहा कि ऐसे प्रकल्प समाज को जल संचय के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने स्व. विक्रम सिंह शेखावत के सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन निस्वार्थ सेवा और समाज समर्पण की प्रेरणा देता है। कलेक्टर तेजस परमार ने राजस्थान युवा संघ और साकेत ग्रुप द्वारा किए जा रहे जनहित कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी पहलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाती हैं।
विधायक संगीता बेन पाटिल ने कहा कि स्व. विक्रम सिंह शेखावत राजस्थान समाज के ऐसे व्यक्तित्व थे, जो हर संकट में समाज के साथ मजबूती से खड़े रहे। कैलाश हाकिम ने उनके अधूरे सामाजिक सपनों को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए इसे सच्ची श्रद्धांजलि बताया।

कार्यक्रम का संचालन राजस्थान युवा संघ के सचिव जगदीश शर्मा ने किया, जबकि अंत में सांवर प्रसाद बुधिया ने सभी अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं, सूरत मनपा तथा कृष्णा बिल्डर्स का आभार व्यक्त किया।
राजस्थान युवा संघ द्वारा स्थापित यह प्याऊ जहां क्षेत्रवासियों को शुद्ध एवं शीतल जल उपलब्ध कराएगा, वहीं वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जल संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का कार्य करेगा। दोनों प्रकल्प स्व. विक्रम सिंह शेखावत की सेवा, समर्पण और समाज उत्थान की भावना को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनेंगे।




