
दलाल के भरोसे हुआ सौदा, 45 दिन में भुगतान का वादा कर ग्रे कपड़ा खरीदा था
सूरत।सूरत के सलाबतपुरा क्षेत्र ट्रैड हाउस के ग्रे कपड़ा वीवर से दलाल के साथ मिलकर 11.03 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस संबंध में आकाश पॉलिएस्टर प्रा. लि. के मैनेजर अंकित हनुमानप्रसाद अग्रवाल ने सलाबतपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ विश्वासघात और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है, जिनमें से मुख्य आरोपी रोनक हिम्मतभाई कोलडिया को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार अंकित हनुमानप्रसाद अग्रवाल निवासी ए-704, आगम वाइल्ड फ्लावर, वीआईपी रोड, वेसु, सूरत, मूल निवासी आबूरोड, जिला सिरोही (राजस्थान) पिछले तीन वर्षों से आकाश पॉलिएस्टर प्रा. लि. में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। कंपनी का कार्यालय ट्रेड हाउस, दुकान नं. 5055, रिंग रोड, सलाबतपुरा, सूरत में स्थित है, जबकि कंपनी के लूम्स कारखाने होजीवाला इंडस्ट्रियल, पीपोदरा स्थित राजहंस फीला में हैं।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 के दौरान कपड़ा दलाल नवनीत मणियार, निवासी डी.बी.पार्क सोसायटी, पर्वत पाटिया सूरत ने संपर्क में कर बताया कि उसके पास कई व्यापारी हैं और यदि उसके माध्यम से व्यापार करेंगे तो मार्केट के नियम अनुसार 45 दिन में भुगतान मिल जाएगा। इसी दौरान उसने आर.के. क्रिएशन, दुकान नं. 6769, अवध टेक्सटाइल मार्केट-2, सारोली, सूरत के व्यापारी रोनक हिम्मतभाई कोलडिया से मुलाकात कराई
नवनीत मणियार और रोनक कोलडिया के कहने पर फरियादी की कंपनी ने 19 अप्रैल 2025 से 25 मई 2025 के बीच अलग-अलग बिलों और चालानों के जरिए कुल 16,05,001रुपये का ग्रे कपड़ा आर.के. क्रिएशन को सप्लाई किया। इसके बदले शुरू में केवल 5,01,348 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि 11,03,653 रुपये बाकी रह गए।
बाकी रकम मांगने पर पहले रोनक कोलडिया ने कहा कि भुगतान दलाल नवनीत मणियार को दे दिया गया है, जबकि नवनीत ने कोई भुगतान लेने से इनकार किया। इसके बाद जून 2025 के आसपास आर.के. क्रिएशन की दुकान बंद कर दी।और रोनक का मोबाइल भी बंद हो गया।जब आरोपी के घर प्लॉट नं. 166, शिवशक्ति रेसिडेंसी-1, श्रद्धा रेसिडेंसी के पास, पासोदरा, सूरत पहुंचे तो वहां कहासुनी हुई और कथित रूप से धमकी दी गई कि “तुम्हारा भुगतान नहीं मिलेगा।”
पता करने पर जानकारी मिली कि इस फर्म को शुरू कराने में हरेश भीखाभाई कोलडिया, निवासी 177, श्याम रेसिडेंसी, रंगोली चौकड़ी के पास, वेलंजा गांव, सूरत, तथा विठ्ठलप्रसाद मणियार, निवासी बी-307, साईंनाथ पैलेस, शिल्प पार्क, एल.एच. रोड, वराछा, सूरत,ने रेफरेंस और दस्तावेजी सहयोग दिया था। शिकायत में कहा गया है कि हरेश कोलडिया ने शुभलक्ष्मी टेक्सटाइल्स के मालिक के रूप में तथा विठ्ठलप्रसाद मणियार ने पार्थ सिल्क मिल्स के मालिक के रूप में हस्ताक्षर किए थे, जिससे आर.के. क्रिएशन की मार्केट में विश्वसनीयता बनाई गई।
शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई शुरू होने पर आरोपी रोनक कोलडिया ने 03 अक्टूबर 2027 तारीख का चेक देकर यह आश्वासन दिया था कि वह हर सप्ताह थोड़ी-थोड़ी रकम चुका देगा, लेकिन आज तक कोई भुगतान नहीं किया गया।
सलाबतपुरा पुलिस ने शिकायत के आधार पर नवनीत मणियार, रोनक हिम्मतभाई कोलडिया, विठ्ठलप्रसाद मणियार और हरेश भीखाभाई कोलडिया के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि रोनक हिम्मतभाई कोलडिया (उम्र 27), निवासी प्लॉट नं. 166, शिवशक्ति रेसिडेंसी-1, पासोदरा, सूरत, मूल निवासी कातरौडी गांव, तहसील जेसर, जिला भावनगर, को 21 जून 2026 की रात 9 बजे गिरफ्तार किया गया। आरोपी को सलाबतपुरा पुलिस स्टेशन के पीएसआई पी.के. चौधरी ने हिरासत में लिया है और आगे की जांच जारी है।


