
सूरत। कपड़ा बाजार से जुड़े एक चेक बाउंस मामले में अदालत ने शुभम फैशन के प्रोपराइटर को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष की साधारण कैद की सजा सुनाई है। साथ ही शिकायतकर्ता को 50 लाख रुपये का मुआवजा 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है।
मामले के अनुसार, सूरत के सायण रोड स्थित क्रियाना फैशन नामक साझेदारी फर्म के भागीदार हार्दिक गोवर्धनभाई लाखाणी सिल्क ग्रे कपड़े के उत्पादन और थोक व्यापार से जुड़े हुए हैं। आरोपी चिराग गुणवंतलाल प्रजापति (निवासी डिंडोली) कपड़ा बाजार में दलाल एवं व्यापारी के रूप में कार्य करता था। चिराग ने कपड़ा खरीदने के लिए हार्दिक से संपर्क किया था और माल की डिलीवरी के 10 दिनों के भीतर भुगतान करने का आश्वासन दिया था।
इस भरोसे पर हार्दिक लाखाणी ने विभिन्न ई-वे बिल और इनवॉइस के माध्यम से कुल 56 लाख रुपये का माल सप्लाई किया। आरोपी ने केवल 6.30 लाख रुपये का भुगतान किया, जबकि शेष 49,70,070 रुपये की देनदारी के बदले अपनी एक्सिस बैंक खाते के दो चेक दिए। दोनों चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर “ड्रॉअर सिग्नेचर डिफर्स” टिप्पणी के साथ अनादृत (रिटर्न) हो गए।
शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता चंद्रेश पीपलिया और पार्थ लाखाणी ने दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ प्रभावी दलीलें पेश कीं। सभी तथ्यों और सबूतों पर विचार करने के बाद अदालत ने चिराग प्रजापति को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष की साधारण कैद की सजा सुनाई।
अदालत ने आरोपी को शिकायत दर्ज होने की तारीख से राशि की वसूली तक 9 प्रतिशत ब्याज सहित 50 लाख रुपये का मुआवजा शिकायतकर्ता को चुकाने का आदेश भी दिया। वहीं, फैसला सुनाए जाने के समय आरोपी के अदालत में अनुपस्थित रहने के कारण उसकी गिरफ्तारी के लिए जेल वारंट जारी किया गया।




