
सूरत। शहर में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा असामाजिक तत्वों पर लगाम कसने के लिए सूरत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस वर्ष के साढ़े पांच महीनों में 407 आरोपियों को ‘पासा’ (प्रिवेंशन ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज एक्ट) के तहत गिरफ्तार कर राज्य की विभिन्न जेलों में भेज दिया है। पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलौत के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान से अपराध जगत में हड़कंप मच गया है।
आर्थिक अपराधियों पर भी चला पुलिस का शिकंजा
पुलिस की इस सख्त मुहिम में आर्थिक अपराध करने वालों को भी नहीं बख्शा गया। कपड़ा बाजार से करोड़ों रुपये का माल खरीदकर भुगतान किए बिना दुकानें बंद कर फरार होने वाले 8 व्यापारियों को पासा के तहत जेल भेजा गया। वहीं, हीरा बाजार में धोखाधड़ी और दलाली से जुड़े 2 आरोपियों के खिलाफ भी यही कार्रवाई की गई।
इसके अलावा इंटरनेट और मोबाइल के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले 12 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। जरूरतमंद लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसा देकर धमकाने वाले 7 सूदखोरों पर भी पासा के तहत कार्रवाई की गई।
महिला अपराधियों और गंभीर अपराधियों पर भी कड़ा प्रहार
सूरत पुलिस ने हत्या, मारपीट और गंभीर अपराधों में शामिल तत्वों के खिलाफ भी सख्ती दिखाई। हत्या के मामलों में संलिप्त 6 आरोपियों तथा हत्या के प्रयास के 9 आरोपियों को जेल भेजा गया। वहीं महिलाओं और नाबालिग किशोरियों के साथ छेड़छाड़, अपहरण और यौन उत्पीड़न जैसे अपराधों में शामिल 24 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। अनैतिक गतिविधियों और वेश्यावृत्ति के धंधे से जुड़े 3 लोगों के खिलाफ भी पासा के तहत कार्रवाई की गई।
सूरत पुलिस का कहना है कि शहर की शांति और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।




