मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के समक्ष SGCCI ने उठाए व्यापार-उद्योग के अहम मुद्दे, क्षेत्रीय हवाई सेवा से लेकर टैक्स एमनेस्टी तक की मांग

सूरत। दक्षिण गुजरात के व्यापार एवं उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों के समाधान के लिए दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के समक्ष प्रभावी ढंग से अपनी मांगें रखीं। गांधीनगर में आयोजित बैठक में गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (GCCI) के अध्यक्ष संदीप इंजीनियर के नेतृत्व में क्षेत्रीय चैंबर्स के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। SGCCI की ओर से उपाध्यक्ष रविराज देसाई और मानद मंत्री परेश लाठिया ने दक्षिण गुजरात के उद्योगों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
चैंबर अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि राज्य सरकार का व्यापार एवं उद्योग के प्रति हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण रहा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी द्वारा दिए गए आश्वासन से उद्योग जगत में नया विश्वास पैदा हुआ है और लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की उम्मीद बढ़ी है।
बैठक में सबसे प्रमुख मांग क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने की रही। चैंबर ने उड़ान योजना के तहत सूरत-अहमदाबाद, सूरत-राजकोट और सूरत-भावनगर मार्गों पर 50 से 70 सीट क्षमता वाले विमान शुरू करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही GETCO के दक्षिण जोन मुख्यालय और मुख्य लिफ्ट निरीक्षक कार्यालय को वडोदरा से सूरत स्थानांतरित करने की मांग भी की गई।
कर एवं वित्तीय मामलों में VAT, CST और एंट्री टैक्स से जुड़े पुराने विवादों के स्थायी समाधान के लिए केंद्र की ‘सबका विश्वास’ योजना की तर्ज पर एमनेस्टी स्कीम लागू करने, ईंधन पर VAT और सेस में 1 से 2 प्रतिशत की कमी तथा GST अपीलीय आदेश अंग्रेजी अथवा द्विभाषी स्वरूप में जारी करने का सुझाव दिया गया।
औद्योगिक विकास के लिए सूरत स्थित MANTRA प्रयोगशाला को कस्टम्स मान्यता प्राप्त फैब्रिक टेस्टिंग लैब घोषित करने, नई औद्योगिक नीति-2026 में तापी जिले के व्यारा और वालोड को श्रेणी-ए में शामिल करने तथा टेक्सटाइल नीति की समितियों में क्षेत्रीय चैंबर्स को प्रतिनिधित्व देने की मांग भी उठाई गई।
इसके अलावा, सूरत बाढ़ राहत पैकेज में MSME विनिर्माण इकाइयों को स्पष्ट रूप से शामिल करने, संपत्ति कर में राहत, वर्षों से लंबित टाउन प्लानिंग (TP) योजनाओं को शीघ्र मंजूरी देने और सार्वजनिक ट्रस्टों के निवेश संबंधी नियमों में संशोधन की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार कर व्यापार एवं उद्योग हित में उचित निर्णय लेने का भरोसा दिया



